प्रयागराज पंचायती राज विभाग में 'तत्काल' तबादला 15 दिन बाद, दो एडीओ के स्थानांतरण में देरी का खुलासा
प्रयागराज के पंचायती राज विभाग में 'तत्काल' तबादले का मतलब 15 दिन बाद निकला, जहाँ दो सहायक विकास अधिकारियों के ...और पढ़ें

प्रयागराज पंचायती राज विभाग में ‘तत्काल’ का मतलब 15 दिन बाद, दो ADO के तबादले में तो यही दिखा
HighLights
25 सितंबर को जारी हुआ तबादला आदेश, अमल के लिए नौ अक्टूबर को पहुंचा ब्लाक
करछना के एडीओ को चाका ब्लाक व वहां के एडीओ को करछना में तैनाती का निर्देश
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। ‘तत्काल’ का मायने आपने क्या पढ़े होंगे, यही कि ‘तुरंत’। हालांकि पंचायती राज विभाग की सोच इस मामले में थोड़ा अलग है। यहां तत्काल का मतलब तुरंत नहीं बल्कि 15 दिन बाद होता है। इसका एक ताजा उदाहरण दो सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) तबादले में देखने को मिला। 25 सितंबर को जारी हुए आदेश पर नौ अक्टूबर तक अमल नहीं हो पाया, जबकि तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के स्पष्ट निर्देश थे।
करछना में तैनात एडीओ पंचायत दिनेश चंद्र पाठक पर लगातार मनमानी शिकायतें आ रही थी। करछना के तमाम प्रशासक अवैध वसूली सहित अन्य आरोप लगा रहे थे। सीडीओ और डीएम तक के सामने मामले को उठा चुके थे। बीते दिनों संपूर्ण समाधान दिवस में भी एडीओ के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था।
आखिर महकमे ने एडीओ का स्थानांतरण कर दिया। उन्हें चाका ब्लाक भेजा और चाका के एडीओ आदित्य पौडवाल को करछना में तैनात किया। इनके अफसरों के तबादले के आदेश शुक्रवार को जब ब्लाक पहुंचे तो चर्चा में आ गए, क्योंकि यह आदेश 15 दिन पुराना था। अब सवाल यह उठ रहे हैं आदेश 15 दिन पहले हुआ या उसे अमल के लिए देर से भेजा गया। हालांकि, इस पर अमल तो शुक्रवार को भी नहीं हुआ था।
इस संबंध में एडीओ आदित्य पौडवाल का कहना है कि आज ही आदेश मिला है। उधर डीपीआरओ रवि शंकर द्विवेदी से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के दृष्टिगत तबादला आदेश पर अमल से रोका गया था।
