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प्रयागराज में मकान बनाना हुआ आसान, एनओसी प्रक्रिया हुई सरल, नगर निगम से सिर्फ सात दिनों में ही मिल जाएगी NOC

By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 07 Dec 2025 04:24 PM (IST)

प्रयागराज में मकान बनाने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब नगर निगम का नजूल विभाग एक सप्ताह के भीतर ...और पढ़ें

प्रयागराज नगर निगम के नजूल विभाग से ही अब पास होगी एनओसी, मकान बनाने वालों को मिलेगी राहत।

प्रयागराज नगर निगम के नजूल विभाग से ही अब पास होगी एनओसी, मकान बनाने वालों को मिलेगी राहत।

HighLights

  1. प्रक्रिया को सरलीकरण किए जाने से मानचित्र पास कराने वालों को मिलेगी सुविधा

  2. अब अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, एक सप्ताह में जारी होगी एनओसी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर में मकान बनाने के लिए नगर निगम की ओर से दी जाने वाली नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) के लिए अब आपको अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एक सप्ताह के भीतर नगर निगम का नजूल विभाग दस्तावेजों और जमीन का निरीक्षण करके एनओसी जारी कर देगा।

एनओसी देने में देरी पर बताना होगा कारण 

एनओसी को जारी करने में अगर नजूल विभाग की ओर से देरी की जाएगी तो इसका लिखित कारण बताना होगा। नगर आयुक्त साईं तेजा ने जन सुविधाओं को देखते हुए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है।

निगम के कर्मचारी अब नहीं बरत सकेंगे लापरवाही

शहर में मकान बनाने के पहले प्रयागराज विकास प्राधिकरण से मानचित्र पास कराना अनिवार्य है। मानचित्र पास कराने के लिए अगल-अलग विभागों से नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लेना अनिवार्य होता है। नगर निगम के नजूल विभाग की एनओसी इसमें सबसे अहम होती है। लेकिन निगम के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण लोगों को एनओसी के लिए कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ते हैं। एनओसी न मिलने के कारण मानचित्र पास होने में देरी होती है।

नगर आयुक्त ने एनओसी प्रक्रिया सरल की 

नगर आयुक्त की ओर से एनओसी जारी करने की प्रक्रिया को सरलीकरण किए जाने से अब मानचित्र का दस्तावेज अधिष्ठान जाने के बजाय नगर निगम के नजूल विभाग से ही पास करने की व्यवस्था कर दी गई है। पहले एनओसी का दस्तावेज नगर आयुक्त के पास आता था, वहां से अधिष्ठान यानी मुख्य अभियंता कार्यालय में जाता था। मुख्य अभियंता कार्यालय की ओर से अवर,सहायक और अधिशासी अभियंता की ओर से सर्वे करके रिपोर्ट मुख्य अभियंता को दी जाती थी। उसके बाद नगर आयुक्त के स्वीकृत के बाद नजूल विभाग से एनओसी जारी होती थी।

प्रक्रिया पूरी करने पर एक से डेढ़ माह लगता था

इस प्रक्रिया को पूरी करने में एक से डेढ़ माह का समय लग जाता था। सूत्रों की मानें तो सुविधा शुल्क मिलने पर वहीं एनओसी तीन से पांच दिन में ही पास हो जाती है। इस बदलाव से एनओसी जारी करने के खेल में भी अंकुश लग जाएगा।

क्या कहते हैं नगर निगम के अधिकारी?

नगर निगम के मुख्य अभियंता दिनेश चंद्र सचान का कहना है कि नगर निगम की ओर से एनओसी जारी करने की प्रक्रिया में नगर आयुक्त के निर्देश पर बदलाव किया गया है। इस बदलाव से नजूल विभाग ही दस्तावेजों की जांच कर नियम के अनुसार एनओसी जारी करेगा। इस व्यवस्था से शहर के लोगों को बड़ी सहूलियत होगी।

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