प्रयागराज के नेहरू पार्क में बनेगी मिनी सफारी, कुलांचे भरेंगे हिरन, पक्षियों का होगा कलरव
प्रयागराज के नेहरू पार्क को मिनी सफारी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ हिरन और पक्षियों को करीब से ...और पढ़ें

नेहरू पार्क में मिनी सफारी विकसित करने के लिए निरीक्षण करते प्रशासन और सेना के अधिकारी। सौ.: सूचना विभाग
HighLights
ड्रोन सर्वेक्षण के बाद तैयार होगी डीपीआर, प्रवेश प्लाजा और मड ट्रैक भी बनेंगे
पार्क में झील की सफाई, नालों की टैपिंग और जलशोधन का कराया जाएगा काम
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगम नगरी में पर्यटन और मनोरंजन का एक नया आकर्षण विकसित करने की तैयारी है। नेहरू पार्क में वन्यजीवों को करीब से देखने और प्रकृति को समझने का अवसर मिलेगा।
प्रवेश प्लाजा, मड ट्रैक भी बनेगा
लगभग 30 से 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले नेहरू पार्क को मिनी सफारी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। यहां हिरनों की विभिन्न प्रजातियों और पक्षियों के लिए अनुकूल व्यवस्था के साथ प्रवेश प्लाजा, मड ट्रैक और बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए शैक्षिक प्रदर्शनी विकसित की जाएगी।
मंडलायुक्त ने नेहरू पार्क का निरीक्षण लिया
योजना को धरातल पर उतारने के लिए गुरुवार को मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने डिप्टी जीओसी, पूर्वी यूपी-एमपी सब एरिया ब्रिगेडियर नवनीत डगर, पीडीए उपाध्यक्ष ऋषि राज, नगर आयुक्त साईं तेजा, कैंट बोर्ड के सीईओ योगेश पांडेय और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ नेहरू पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया। दो घंटे से अधिक समय तक प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया।
पार्क का ड्रोन से सर्वेक्षण होगा
इस दौरान पार्क की प्राकृतिक बनावट, भू-आकृति और उपलब्ध क्षेत्रफल का जायजा लेकर विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई। परियोजना को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए पार्क का ड्रोन से स्थलाकृतिक सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके आधार पर सेना और पीडीए के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार होगा। इसमें दोनों संस्थाओं की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
पार्क के पर्यावरणीय स्वरूप को सुधारा जाएगा
इसके बाद वन विभाग के विशेषज्ञों और इस क्षेत्र में अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों की मदद से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई जाएगी। इसी के आधार पर विकास कार्यों की रूपरेखा और क्रियान्वयन तय होगा। मिनी सफारी विकसित करने से पहले पार्क के पर्यावरणीय स्वरूप को सुधारने पर भी जोर दिया गया है।
सेना और वन विभाग सहयोग देगी
नगर निगम झील और पूरे परिसर की सफाई कराएगा। झील में गिरने वाले नालों की टैपिंग, जलशोधन, जलकुंभी हटाने और वनस्पतियों की छंटाई का काम प्राथमिकता पर होगा। नेहरू पार्क के विकास और अनुरक्षण की जिम्मेदारी पीडीए की होगी। पार्क के संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) पर होने वाले खर्च के लिए यहां से प्राप्त राजस्व का उपयोग किया जाएगा। सेना और वन विभाग की संबंधित इकाइयां भी आवश्यक सहयोग देंगी। मंडलायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए है।
