प्रयागराज: लापरवाही से दो मासूमों की मौत, करेली में कार से कुचली बालिका; कोरांव में जल निगम की पाइप के नीचे दबा बालक
प्रयागराज में लापरवाही के कारण दो बच्चों की जान चली गई। करेली में एक बच्ची कार से कुचल गई, जबकि ...और पढ़ें

प्रयागराज के दो मासूमों की अलग-अलग हादसे में मौत हो गई।
HighLights
पहिया के नीचे दबी बच्ची को जब तक कार उठाकर निकालते, हो चुकी थी मौत
शहर के करेली दुर्घटना में कार को कब्जे में लेकर चालक को पुलिस ने पकड़ा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के करेली और यमुनापार के कोरांव में लापरवाही ने दो बच्चों की जान ले ली। करेली स्थित यूनियन बैंक के पास झोपड़ी में रहने वाली आठ वर्षीय उमैरा उर्फ आलिया की शनिवार देर शाम कार से कुचलने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब आलिया घर के बाहर खेल रही थी और पड़ोस में रहने वाला युवक कार बैक कर रहा था। लोगों ने कार चालक को पकड़ लिया, जिसे करेली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वहीं कोरांव में जल निगम की पाइप के नीचे दबकर बालक की मौत हो गई।
झोपड़ी में रहने वाला नईम शेख ई-रिक्शा चालक है। उसके दो बच्चों में आलिया छोटी थी। वह उसकी इकलौती पुत्री थी, जबकि आहद बेटा है। वह आलिया से बड़ा है। शनिवार देर शाम आलिया घर के बाहर गली में खेल रही थी। उसी समय पड़ोस का रहने वाला एक युवक कार बैक करने लगा। आलिया को साइड से टक्कर लगी और वह गिर पड़ी। जब तक युवक कार को रोकता, पीछे की पहिया उसके ऊपर चढ़ गई।
यह देखकर युवक कार छोड़कर भागने लगा, जिस पर आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। साथ ही कार के पहिए को लोगों ने उठाकर उसके नीचे दबी आलिया को बाहर निकाला। चाचा हुसैन उसे समीप के एक निजी अस्पताल ले गया, जहां जवाब दे दिया गया। फिर उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने आलिया को मृत घोषित कर दिया। करेली थाना प्रभारी सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि चालक को पकड़ लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। मृतक के स्वजन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोरांव थाना क्षेत्र के पूरा मुनई गांव निवासी अमर बहादुर आदिवासी का 13 वर्षीय पुत्र पवन शनिवार शाम घर से करीब 200 मीटर दूर जल निगम की रखी गई पाइप पर बैठकर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान अचानक पाइप उसके ऊपर गिर गई। उसके नीचे दबने से पवन गंभीर रूप से घायल हो गया। स्वजन उसे सीएचसी कोरांव लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पवन दो भाइयों में छोटा था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
