विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गृहकर वसूली के 1.44 करोड़ हजम करने वालों के खिलाफ जांच फाइलों में दबी, प्रयागराज नगर निगम क्यों नहीं कर रहा कार्रवाई?

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 16 Mar 2026 02:52 PM (IST)

प्रयागराज नगर निगम में गृहकर वसूली के 1.44 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच फाइलों में दब गई है। एक ...और पढ़ें

प्रयागराज गृहकर वसूली घोटाले की जांच में शिथिलता बरती जा रही है।

प्रयागराज गृहकर वसूली घोटाले की जांच में शिथिलता बरती जा रही है।

HighLights

  1. जिन 475 भवन स्वामियों से वसूली गई थी धनराशि, अधिकारियों से लगा रहे गुहार

  2. एक वर्ष बीतने के बाद भी नहीं हुई आरोपितों से रिकवरी, कार्रवाई न होने से उठे सवाल

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गृहकर वसूल करके नगर निगम के कोष में 1.44 करोड़ रुपये जमा नहीं की गई थी। इस धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया था। ऐसा करने वालों के खिलाफ जांच फाइलों में दबती जा रही है। एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। वहीं गृहकर जमा करने के बाद भी निगम की ओर से बिल भेजे जाने से 475 से अधिक भवन स्वामी अपने को ठगा महसूस कर रहे, अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी 

भ्रष्टाचार की पोल खुलने पर नगर निगम की ओर से आउटसोर्सिंग पर रखे गए आपरेटर आकाश श्रीवास्तव और सत्यम शुक्ला के खिलाफ कर्नलगंज थाने में पिछले वर्ष एफआइआर दर्ज कराई गई। टैक्स कलेक्टर जय प्रकाश द्विवेदी व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का सस्पेंड किया गया। उसके बाद से इन दोनों के खिलाफ सिर्फ कागजों पर ही जांच चल रही है।

क्या भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए जांच में देरी?

सूत्रों की मानें तो भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों को बचाने के लिए जांच के नाम पर देरी की जा रही है। अब सवाल उठता है कि नगर निगम की ओर से भवन स्वामियों से गृहकर के नाम पर वसूली गई 1.44 करोड़ रुपये की धनराशि कैसे मिलेगी।

गृहकर की राशि खाते में नहीं जमा किया

नगर निगम का टैक्स कलेक्टर जय प्रकाश द्विवेदी, आउट सोर्सिंग आपरेटर आकाश श्रीवास्तव और सत्यम शुक्ला पर मार्च 2025 में 475 भवन स्वामियों से गृहकर के रूप में मिली धनराशि को निगम के खाते में जमा नहीं किया।

इन्होंने भी किया फर्जीवाड़ा 

जोन तीन कटरा में तैनात आकाश श्रीवास्तव ने फर्जी तरीके से 88 रसीद काटी इन रसीदों से 18,08,661 रुपये निगम को राजस्व मिलना था, लेकिन यह धनराशि निगम के कोष में जमा नहीं की गई। इसी तरह से जोन सात में तैनात सत्यम शुक्ला ने 387 रसीदें काटी, जिनका कुल गृहकर धनराशि 1,26,05,368 वसूला गया था। हालांकि दोनों ने वसूली गई धनराशि को निगम के कोष में जमा ही नहीं किया।

क्या कहते हैं अपर नगर आयुक्ह?

अपर नगर आयुक्त राजीव कुमार शुक्ला का कहना है कि गृहकर वसूली में भ्रष्टाचार के आरोपियों की ओर से जवाब आ गया है। जल्द ही उनके द्वारा भेजे गए जवाबों को देखकर नियम के अनुसार आगे की कार्रवाई निर्धारित की जाएगी।

यह भी पढ़ें- गैरों के नाम हुई प्रयागराज की वन भूमि, कटघरे में राजस्व विभाग; क्या भूमि नामांंतरण से पूर्व पुराने दस्तावेज नहीं देखे जाते?

यह भी पढ़ें- रेलवे प्रयागराज जंक्शन को 45 वर्ष के पट्टे पर देगा, 7 फ्लोर का टेंडर जारी, रेलयात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी