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रेलवे प्रयागराज जंक्शन को 45 वर्ष के पट्टे पर देगा, 7 फ्लोर का टेंडर जारी, रेलयात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 16 Mar 2026 01:39 PM (IST)

प्रयागराज जंक्शन अब आधुनिक व्यावसायिक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। रेलवे स्टेशन को 45 वर्षों के लिए पट्टे पर ...और पढ़ें

प्रयागराज जंक्शन की सिविल लाइंस स्थित नई बिल्डिंग। सौजन्य : रेलवे

प्रयागराज जंक्शन की सिविल लाइंस स्थित नई बिल्डिंग। सौजन्य : रेलवे 

HighLights

  1. प्रयागराज जंक्शन अब रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि आधुनिक व्यावसायिक केंद्र बनने की राह पर है अग्रसर

  2. आरएलडीए ने सिविल लाइंस साइड की नई नौ मंजिला बिल्डिंग के सात फ्लोर के लिए ई-निविदा जारी की

  3. यात्रियों को मॉल, होटल, मल्टीप्लेक्स, कॉर्पोरेट कार्यालय और फूड प्लाजा जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रयागराज जंक्शन अब केवल रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि आधुनिक व्यावसायिक केंद्र (कमर्शियल हब) बनने की राह पर है। देशभर के पुनर्विकसित हो रहे स्टेशनों में सर्वाधिक 960 करोड़ रुपये की लागत से संवर रहे इस जंक्शन को 45 वर्षों के लिए पट्टे (लीज) पर देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने सिविल लाइंस साइड की नई नौ मंजिला बिल्डिंग के सात फ्लोर के लिए ई-निविदा जारी कर दी है। 

नई बिल्डिंग में मॉल, होटल आदि सुविधाएं होंगी 

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत स्टेशन की नई बिल्डिंग के तीसरे से नवें फ्लोर तक के हिस्से को निजी निवेशकों के लिए खोला गया है। लगभग 2,03,665.28 वर्गफुट के इस विशाल क्षेत्र में मॉल, होटल, मल्टीप्लेक्स, कॉर्पोरेट कार्यालय और फूड प्लाजा जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। यह पूरी प्रक्रिया 'राजस्व साझाकरण मॉडल' पर आधारित होगी, जिसमें रेलवे को न्यूनतम 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी मिलेगी। आरएलडीए ने इसके लिए करीब 130 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य तय किया है।

इच्छुक कंपनियों, निवेशक 23 अप्रैल तक ई-बिड जमा करें

निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए रेलवे ने शेड्यूल जारी कर दिया है। 17 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे आरएलडीए मुख्यालय में ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से प्री-बिड मीटिंग आयोजित की जाएगी। इच्छुक कंपनियों और निवेशकों को 23 अप्रैल 2026 तक अपनी ई-बिड जमा करनी होगी। जो कंपनी सबसे ऊंची बोली लगाएगी, उसे ही इन सात मंजिलों पर 45 वर्षों तक व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने का अधिकार मिलेगा।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

पुनर्विकास योजना के तहत बिल्डिंग का ढांचा तैयार हो चुका है। स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर और निचले तलों पर रेलवे के कार्यालय, टिकट काउंटर और प्रतीक्षालय होंगे। यात्रियों के लिए खास व्यवस्था यह है कि वे प्रथम तल पर बने भव्य 'कानकोर्स' में ट्रेन का इंतजार करेंगे और एस्केलेटर के जरिए सीधे प्लेटफॉर्म पर उतरेंगे। स्टेशन को दो-स्तरीय स्काईवॉक, बहुस्तरीय फुटओवर ब्रिज और पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

रेल यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी

मंडल पीआरओ अमित सिंह के अनुसार, इस कदम से न केवल यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि रेलवे को लंबी अवधि तक स्थिर राजस्व भी प्राप्त होगा। 6 अगस्त 2023 को शुरू हुई इस पुनर्विकास परियोजना को साल 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रयागराज जंक्शन उत्तर भारत के सबसे आधुनिक स्टेशनों में शुमार हो जाएगा।

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