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गंगा एक्सप्रेस-वे पर अप्रैल में फर्राटा भर सकते हैं वाहन, प्रयागराज से मेरठ का सफर आरामदायक होगा

By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 15 Mar 2026 04:08 PM (IST)

प्रयागराज से मेरठ तक बने इस एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू करने की तैयारी तेज है। अप्रैल में वाहनों के चलने ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेस-वे से प्रयागराज-मेरठ का सफर आरामदायक होगा।

गंगा एक्सप्रेस-वे से प्रयागराज-मेरठ का सफर आरामदायक होगा।

HighLights

  1. आवागमन शुरू कराने की तैयारी तेज, 31 मार्च तक कार्य पूरा कराने के निर्देश

  2. 56 किमी प्रयागराज व प्रतापगढ़ में यह एक्सप्रेसवे, 42 गांवों से गुजरा है यह

  3. 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने शाहजहांपुर में रखी थी आधारशिला

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गंगा एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने का सपना अब जल्द ही पूरा होने वाला है। प्रयागराज से मेरठ तक बनाए गए गंगा एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू कराने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी चल रही है। शासन से निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हाल में 31 मार्च तक एक्सप्रेस-वे के सभी कार्य पूरे किए जाएं। इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल माह तक इस विशेष मार्ग पर वाहन दौड़ने लगेंगे।

अंतिम चरण में कार्य

प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य अब अंतिम चरण में है। इसके शुभारंभ के लिए अभी से तैयारी शुरू करा दी गई है। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव व यूपीडा के सीईओ दीपक कुमार ने लखनऊ में इस एक्सप्रेसवे के कार्यों की समीक्षा में 31 मार्च तक सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए थे, जिसके अगले ही दिन प्रयागराज और प्रतापगढ़ में युद्ध स्तर पर तैयारी तेज हो गई। वहीं इसके आगे रायबरेली व उन्नाव में भी चहारदीवारी के काम में तेजी लाई गई।

एक्सप्रेस-वे को राम वनगमन पथ से जोड़ा जा रहा 

इसके पहले यूपीडा के मुख्य अभियंता आरके चौधरी ने अधिशासी अभियंता विजय कुमार सिंह व सहायक अभियंता नरेंद्र शुक्ला के साथ परियोजना का प्रयागराज व प्रतापगढ़ में निरीक्षण किया था। इस एक्सप्रेस-वे को अयोध्या से चित्रकूट तक बनाए जा रहे राम वनगमन पथ से भी जोड़ा जा रहा है।

अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग

594 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे को सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है। हादसों को रोकने के लिए अलार्म सेंसर लगाया गया है। मवेशियों से दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों ओर प्रयागराज से लेकर मेरठ तक पांच फीट की चहारदीवारी बनाने का कार्य अंतिम चरण में है। इस हाईस्पीड एक्सप्रेसवे के सीसीटीवी कैमरे से लेकर कंट्रोल रूम और टोल बूथ तक सभी को चेक कर लिया गया है।

सोरांव के जूड़ापुर दांदू से होगा एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश

प्रयागराज में सोरांव तहसील के जूड़ापुर दांदू गांव में एंट्री प्वाइंट है। वहीं वाराणसी समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत बिहार, झारखंड, उड़ीसा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए प्रयागराज बाईपास से गंगा एक्सप्रेस-वे पर एंट्री हो सकेगी। एक्सप्रेस-वे पर चढ़ते समय वाहनों को अलग से रुकने की जरूरत नहीं होगी। एंट्री प्वाइंट पर लगे हाई-स्पीड रीडर लगभग 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरती गाड़ियों को भी स्कैन कर सकते हैं, जिससे टोल-फास्टैग और निगरानी दोनों साथ हो सके। इस एक्सप्रेस-वे का हर कोना कैमरे की निगरानी में होगा।

जल्द ही आवागमन शुरू होने की उम्मीद : डीएम 

प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि हाईस्पीड गंगा एक्सप्रेसवे के कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शेष कार्यों को दो हफ्तेे में पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। जल्द ही इस पर आवागमन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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