प्रयागराज में सीवर लाइन और SPS निर्माण के लिए 55 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी, शहर में जलभराव की समस्या नहीं होगी
प्रयागराज में जलकल विभाग के 55 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को नगर निगम सदन ने मंजूरी दी है। इससे शहर ...और पढ़ें

शहर में जल निकासी की समस्या से निपटने के लिए प्रस्ताव पर नगर निगम ने प्रस्ताव पर मंजूरी दी।
HighLights
शहर में जल निकासी की समस्या से निपटने के लिए जलकल विभाग की योजना
कार्य योजना बनाकर नगर निगम सदन में रखी गई, नौ प्रस्तावों पर मिली स्वीकृति
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर में जल निकासी की समस्या से निपटने के लिए जलकल विभाग की ओर से 55 करोड़ रुपये के बजट की कार्य योजना बनाकर नगर निगम सदन में रखा गया। जल निकासी के लिए बाढ़ पंपिंग स्टेशनों की क्षमता में वृद्धि और सीवर लाइनों के सुधार से संबंधित नौ प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। महापौर ने बताया कि इन कार्यों पर लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ऐसे में बजट के लिए शासन को भी प्रस्ताव भेजा जाएगा।
महापौर ने बताया कि स्वीकृत प्रस्तावों में सबसे बड़ा कार्य मेडिकल कालेज चौराहे पर नई सीवर पाइप लाइन बिछाना है। इस पर 12.95 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रामबाग फ्लाईओवर के निर्माण से पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त हो गई थी, जिससे वर्षा और सीवर का पानी जमा हो रहा था। कुलभास्कर आश्रम स्कूल के पास से रेलवे लाइन के नीचे ट्रेंच लेस विधि से नई पाइप लाइन डाली जाएगी।
बक्शी बांध बाढ़ पंपिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के लिए 12.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है। इसके तहत एमएल कान्वेंट स्कूल के पास 40 क्यूसेक क्षमता का इलेक्ट्रिक सबमर्सिबल पंप स्थापित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त ने भी इस संबंध में निर्देश दिए थे। एमएलसी डॉ. केपी श्रीवास्तव के निवास के आसपास जलभराव की समस्या के लिए 9.95 करोड़ रुपये की लागत से नई सीवर पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
यह पाइप लाइन मेडिकल कॉलेज चौराहे से अलोपीबाग एसपीएस तक डाली जाएगी। नगर आयुक्त ने बताया कि सीएमपी के पास एसपीएस का निर्माण किया जाएगा। इसमें तीन नालों को जोड़ा जाएगा। एसपीएस से एक लाइन परेड मैदान तक पहुंचाई जाएगी जो बाढ़ पंपिंग स्टेशन तक इस पानी को पहुंचाएगी।
शहर में सीवर लाइनों के विस्तार और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज चौराहे से रामबाग चौराहे तक ध्वस्त सीवर लाइन को बदलने का कार्य 12.95 करोड़ रुपये में होगा। एमएलएस केपी श्रीवास्तव के निवास के पास पुरानी और जर्जर सीवर लाइन को बदलने के लिए 9.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह 500 एमएम डाया की नई सीवर पाइपलाइन होगी। बक्शी बांध बाढ़ पम्पिंग स्टेशन पर पंप संख्या एक से आठ तक की 40 साल पुरानी डिलीवरी पाइपलाइन भी बदली जाएगी। इस पर 3.80 करोड़ रुपये की लागत आएगी। हाल ही में पंप संख्या तीन की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से जल निकासी बाधित हुई थी।
बाढ़ पंपिंग स्टेशनों का आधुनिकीकरण
बाढ़ पंपिंग स्टेशनों की क्षमता वृद्धि और आधुनिकीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत हुए हैं। बक्शी बांध बाढ़ पंपिंग स्टेशन पर 10-10 क्यूसेक क्षमता के दो पुराने डीजल पंप बदले जाएंगे। इन पंपों की क्षमता लगभग आधी हो गई थी, जिससे अल्लापुर, जार्जटाउन और टैगोर टाउन में जलभराव होता था। इस कार्य पर 1.82 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्लूस गेट पर पंप संख्या 14 के क्षतिग्रस्त डीजल पंप को बदलने और 10 क्यूसेक क्षमता का इलेक्ट्रिक पंप लगाने पर 1.95 करोड़ रुपये लगेंगे। चाचर नाला बाढ़ पंपिंग स्टेशन पर भी पुराने पंपों को बदलकर 20-20 क्यूसेक क्षमता के दो नए पंप लगाए जाएंगे। इस परियोजना की लागत 4.98 करोड़ रुपये है, जिससे स्टेशन की क्षमता 20 क्यूसेक बढ़ जाएगी।
जल निकासी के लिए मशीनरी खरीद
शहर में सीवर लाइनों की प्रभावी डिसिल्टिंग के लिए नई मशीनें खरीदी जाएंगी। जलकल विभाग के लिए दो अतिरिक्त सुपर शकर मशीन खरीदने का प्रस्ताव 6.61 करोड़ रुपये का है। वर्तमान में विभाग के पास केवल एक सुपर शकर मशीन है। मंडलायुक्त ने भी इन मशीनों की खरीद के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके अतिरिक्त, दो सीवर मैनहोल बकेट मशीन भी खरीदी जाएंगी। इन पर 30 लाख रुपये खर्च होंगे। ये मशीनें सीवर लाइनों की डिसिल्टिंग क्षमता को बढ़ाएंगी और जलभराव की समस्या को कम करने में मदद करेंगी।
