ये है प्रयागराज की सबसे बड़ी नवीन मंडी, यहां आने वालों का गंदगी व जर्जर सड़कों से होता है स्वागत
प्रयागराज की सबसे बड़ी मुंडेरा नवीन मंडी में गंदगी, जर्जर सड़कें और बदहाल सुविधाओं से किसान व व्यापारी परेशान हैं। ...और पढ़ें

प्रयागराज की मुंडेरा स्थित नवीन मंडी परिसर में फैली गंदगी। जागरण
HighLights
नालियां क्षतिग्रस्त, सड़कों पर गंदा पानी, टॉयलेट टूटे, पानी टंकियों की टोटी खराब
तीन जिलों के किसान-व्यापारी थोक में सब्जी-फल बेचने आते हैं, होती है परेशानी
राजेंद्र यादव, प्रयागराज। यह है जिले की सबसे बड़ी नवीन मंडी स्थल मुंडेरा। यहां बड़ी संख्या में आढ़तिया हैं। प्रयागराज के साथ ही कौशांबी और फतेहपुर जनपद तक के किसान वाहनों में भरकर सब्जी और फल थोक में बेचने आते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ खास नजर नहीं आता। मंडी में बनीं सड़कें जगह-जगह जर्जर हैं। गंदगी का बोलबाला है। नालियों का अस्तित्व ही कई जगह समाप्त हो चुका है। गंदा पानी सड़कों पर बहता है। मवेशियों का जमघट लगा रहता है।
कार्ययोजना तो बनी पर जमीं पर नहीं उतरी
कई बार यहां की व्यवस्था को सुधारने की कार्ययोजना बनी, लेकिन सार्थक नहीं हो सकी। अब मंडी को स्वच्छ, सुंदर व व्यवस्थित बनाए बनाने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान 2026 शुरू करने का निर्देश दिया है।

खास-खास
63 एकड़ में है मुंडेरा मंडी
300 हैं दुकानें
700 के करीब अढ़तिया
3000 से अधिक किसान आते हैं प्रतिदिन।

63 एकड़ में 300 दुकानें व 700 आढ्तिया
नवीन मंडी स्थल मुंडेरा 63 एकड़ में है। यहां 300 दुकानें हैं। 700 के करीब आढ़तिया हैं तो 3000 से अधिक किसान प्रतिदिन यहां आते हैं। मंडी के गेट नंबर एक से भीतर दाखिल होते ही सामने गंदगी का अंबार लगा था। नालियों के ऊपर बनाया गया स्लैब टूटा था। गंदा पानी सड़क पर बह रहा था। यही हाल मंडी के सभी मार्गों की थी। यहां बने टॉयलेट बदहाल थे। पेयजल को बनी पानी की टंकियों की कई टोटी टूटी थी। गेट नंबर दो से सीधे जाने पर खाली मैदान में तो गंदगी इस कदर फैली थी कि कभी भी यहां संक्रामक बीमारी फैल सकती है।

अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद
यह खाली स्थान संभागीय उप निदेशक संजय कुमार सिंह के कार्यालय के ठीक पीछे था। मंडी यह हाल तब है, जब प्रतिदिन देर रात दो बजे से ही किसान यहां सब्जी व फल लेकर पहुंचने लगते हैं। यहां आते ही अव्यवस्थाओं से यह जूझने लगते हैं। अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद होने से वाहनों की रोशनी के सहारे जर्जर सड़कों से आगे बढ़ते हैं।
नवीन मंडी स्थल मुंडेरा के साथ ही छह उपमंडी फूलपुर, जारी, कोरांव, सिरसा, लेड़ियारी व जसरा में रंगरोगन शुरू हो गया है। नवीन मंडी स्थल मुंडेरा को आठ और उपमंडियों को तीन-तीन लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इससे रंगरोगन, टायलेट, पानी की टंकी, नालियों, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत समेत अन्य कार्य होंगे। सड़कों की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को अलग से प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति मिल गई है।
- सुधांशु कुमार, सचिव, नवीन मंडी स्थल मुंडेरा।
क्या कहते हैं आढ़तिया?
छोटी-छोटी समस्याएं कई हैं। अधिकारी चरणबद्ध तरीके से कार्य करें तो इसका निस्तारण संभव है।
- अजय कुशवाहा।
सफाईकर्मी नियमित सफाई करें तो गंदगी न फैले। साथ ही व्यापारियों को भी इस ओर ध्यान देना होगा।
- प्रमोद यादव बच्चा।
अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करना चाहिए, ताकि जो भी छोटी-छोटी समस्याएं हैं वह दूर हो सकें।
- सचिन सिंह राठौर।
गंदगी फैली होने से निश्चित तौर पर संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। इसलिए इस आेर ध्यान देना होगा।
- राजेश सिंह।
टायलेट टूटने व पानी की टंकियों की टोटी खराब होने से अढ़तियों व यहां आने वाले किसानों को दिक्कत होती है।
- करन।
नालियों को दुरुस्त कराने के साथ ही गंदगी को हटवा दिया जाए तो अधिकांश समस्याएं स्वत: ही समाप्त हो जाएंगी।
- विक्रम सिंह।
