प्रयागराज के पॉश इलाकों में अब बन सकेंगे बहुमंजिला आवासीय भवन, भवन स्वामियों को बड़ी राहत
प्रयागराज के सिविल लाइंस, जार्जटाउन और टैगोर टाउन में अब बहुमंजिला आवासीय भवन बनाने की अनुमति मिल गई है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
सिविल लाइंस, जार्जटाउन में बहुमंजिला भवन निर्माण को मंजूरी।
भवन ऊंचाई पर लगी 7.5 मीटर की पाबंदी हटी।
छोटे भूखंडों पर भी मानचित्र स्वीकृति का रास्ता साफ।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के पाश इलाकों में शामिल सिविल लाइंस, जार्जटाउन और टैगोर टाउन में अब बहुमंजिला आवासीय भवन बनाने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से भवन निर्माण की ऊंचाई पर लगी पाबंदी से परेशान लोगों को राहत मिलेगी।
अब तक इन क्षेत्रों में अधिकतम ढाई तल यानी करीब 7.5 मीटर ऊंचाई तक ही आवासीय भवन बनाने की अनुमति थी। शासन स्तर से नियमों में बदलाव को मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आने के बाद हजारों भवन स्वामियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इसके साथ ही 200 वर्ग मीटर से छोटे भूखंडों पर भी आवासीय भवनों के मानचित्र स्वीकृत कराने का रास्ता साफ हो गया है।
छोटे भूखंडों के मालिकों को भी उम्मीद
महायोजना में किए गए प्रविधानों के कारण सिविल लाइंस, जार्जटाउन और टैगोर टाउन में 7.5 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले आवासीय भवनों के निर्माण पर रोक लग गई थी। इससे इन इलाकों में रहने वाले लोग अपनी जरूरत के मुताबिक भवन का विस्तार नहीं कर पा रहे थे। लंबे समय से इस प्रतिबंध में छूट देने की मांग की जा रही थी। अब नियमों में बदलाव की मंजूरी मिल गई है। भवन निर्माण से जुड़े नियमों में बदलाव का लाभ छोटे भूखंडों के मालिकों को भी मिल सकता है।
पहले 200 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराने की व्यवस्था को लेकर अलग प्रविधान लागू था। अब इन भूखंडों पर भी मानचित्र पास कराने की अनुमति जाएगी, इससे भवन निर्माण को नियमानुसार कराने और स्वीकृत मानचित्र के आधार पर मकान बनवाने में लोगों को सुविधा मिल सकेगी।
समय-समय पर होता रहा नियमों में बदलाव
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के अधिकारियों के मुताबिक समय-समय पर भवन निर्माण के नियमों में बदलाव होता रहा है। इसी क्रम में वर्ष 2011 से इन क्षेत्रों में ऊंचाई को लेकर प्रतिबंध लागू हो गया था। अब इसमें राहत मिलने से पुराने भवनों के पुनर्निर्माण और नए आवासीय भवनों की योजना बनाने वालों को फायदा हो सकता है।
पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषिराज ने बताया कि शासन से नियमों में बदलाव को स्वीकृति मिलने की जानकारी मिली है, हालांकि अभी तक लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने के बाद नए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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