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Magh Mela : करोड़ों की भीड़ के प्रबंधन को लेकर रेलवे का 'प्लान-2026', सर्वश्रेष्ठ इंजन व अनुभवी लोको पायलट होंगे

By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 20 Dec 2025 05:05 PM (IST)

प्रयागराज में माघ मेला में आने वाली करोड़ों की भीड़ को प्रबंधित करने के लिए रेलवे ने 'प्लान-2026' तैयार किया ...और पढ़ें

Magh Mela 2026 प्रयागराज माघ मेला के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन के साथ बेहतर प्रबंधन के लिए रेलवे ने अनूठी योजना बनाई है।

Magh Mela 2026 प्रयागराज माघ मेला के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन के साथ बेहतर प्रबंधन के लिए रेलवे ने अनूठी योजना बनाई है।

HighLights

  1. पड़ोसी जोन संभालेंगे स्पेशल ट्रेनों की कमान, कई जोनों से आएंगे लोको पायल

  2. बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के लिए जारी किया माघ मेला के संबंध में निर्देश

  3. 105 मेमू ट्रेन भी चलेंगी, 5 रिंग रेल व 10 क्लोन ट्रेन का भी प्रस्ताव तैयार 

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Magh Mela 2026 प्रयागराज माघ मेला के लिए रेलवे ने अपनी रणनीति बदल दी है। इस बार मेले में न तो इंजनों की कमी होगी और न ही स्टाफ की। रेलवे ने तय किया है कि प्रयागराज आने वाली हर ट्रेन में देश के सबसे फिट और बेहतरीन इंजन लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं का सफर बिना किसी तकनीकी रुकावट के पूरा हो सके। इन ट्रेनों को चलाने के लिए एनसीआर के पड़ोसी जोनों से कर्मचारी भी आएंगे।

रेलवे बोर्ड ने जोनल मुख्यालयों को निर्देशित किया 

Magh Mela 2026 अक्सर देखा जाता है कि लंबी दूरी तय करने के बाद ट्रेनों के इंजनों को नियमित जांच की जरूरत होती है। माघ मेला के दौरान प्रयागराज के स्टेशनों पर इतना दबाव होता है कि इंजनों की जांच के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल मुख्यालयों को फरमान सुनाया है। 

प्रयागराज आने पर इंजन को रेस्ट, रिपेयर की जरूरत नहीं

Magh Mela 2026 अब उत्तर मध्य रेलवे की ओर आने वाली ट्रेनों में केवल वही इंजन जुड़ेंगे, जिनकी सर्विसिंग पहले से पूरी हो चुकी हो। यानी प्रयागराज पहुंचने के बाद इंजन को 'रेस्ट या 'रिपेयर' की जरूरत नहीं पड़ेगी और वह तुरंत दूसरी ट्रेन लेकर वापस रवाना होने के लिए तैयार रहेगा।

स्पेशल ट्रेन आन डिमांड भी चलेंगी

Magh Mela 2026 माघ मेला के दौरान 105 मेमू ट्रेन चलेंगी। पांच रिंग रेल और 10 क्लोन ट्रेन का भी प्रस्ताव तैयार है। इसके अलावा स्पेशल ट्रेन आन डिमांड भी चलेंगी। अतिरिक्त मेमू और स्पेशल ट्रेनों को चलाने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने पड़ोसी जोन से हाथ मिलाया है।

अनुभवी लोको पायलटों की बुलाई जा रही टीम 

पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर), उत्तर रेलवे (एनआर), पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) और पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) से अनुभवी लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों की एक बड़ी टीम प्रयागराज बुलाई जा रही है। ये वो कर्मचारी होंगे जिन्हें विशेष रूप से रास्तों की जानकारी और साइको टेस्ट के बाद ही इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।

यात्रियों को ट्रेन से आवागमन में कोई परेशानी नहीं होगी

उम्मीद जताई जा रही है कि प्रयागराज में जुटने वाली करोड़ों की भीड़ के प्रबंधन के लिए रेलवे का 'प्लान-2026' बेहद कारगर साबित होगा। तकनीकी रूप से दुरुस्त इंजन होने से रास्ते में फेलियर की संभावना खत्म हो जाएगी, वहीं अतिरिक्त स्टाफ होने से ट्रेनों के संचालन में देरी नहीं होगी। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए यह प्रबंध किया जा रहा है ताकि यात्रियों को ट्रेन से आवागमन में कोई परेशानी न हो।

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