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प्रयागराज-लखनऊ मार्ग को महाकुंभ के पहले ही बनना था, अभी गड्ढे ही गड्ढे, लापरवाही की सजा भुगत रहे राहगीर

By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 01 Dec 2025 06:51 PM (IST)

प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर नवाबगंज से लालगोपालगंज तक सड़क चौड़ीकरण का काम अधूरा है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। ...और पढ़ें

प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर लालगोपालगंज से नवाबगंज तक गड्ढों के चलते आए दिन हादसे होते हैं। जागरण

प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर लालगोपालगंज से नवाबगंज तक गड्ढों के चलते आए दिन हादसे होते हैं। जागरण

HighLights

  1. नवाबगंज से लालगोपालगंज तक सड़क के चौड़ीकरण कार्य में लापरवाही से लोगों की परेशानी बढ़ी

  2. दो वर्ष के बजाय तीन वर्ष बीत गए मगर अभी इस सड़क परियोजना का कार्य 50 प्रतिशत भी नहीं

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जो सड़क परियोजना महाकुंभ के पहले पूरी हो जानी थी, उसका काम एक वर्ष बाद भी चल रहा है। प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर नवाबगंज से लालगोपालगंज तक सड़क के फोरलेन बनाने के कार्य में हद दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है। इसके कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर सड़क के गड्ढों में गिरकर लोग चोटहिल हो रहे हैं। दोपहिया व तिपहिया वाहन अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। टायर पंक्चर की भी समस्या आ रही है। अभी इस सड़क के बनने में लगभग छह माह और लग सकते हैं।

रायबरेली से प्रयागराज तक 106 किमी फोरलेन करने की मंजूरी मिली

महाकुंभ को लेकर सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर रायबरेली से लखनऊ तक सड़क 82 किमी तो पहले से ही फोरलेन था। महाकुंभ के पहले रायबरेली से प्रयागराज तक इस हाईवे को 106 किमी फोरलेन करने की मंजूरी मिली, जिसके लिए 1663 करोड़ रुपये सरकार से दिए गए थे। इसमें एक खंड लालगोपालगंज से नवाबगंज का नहीं बन सका था।

खास-खास

-159 करोड़ रुपये से प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर नवाबगंज से लालगोपालगंज के बीच हो रहा सड़क का कार्य

-18 किमी सड़क बनाई जा रही फोरलेन, इसके बनने से 45 के बजाय 25 मिनट में लालगोपालगंज से शहर पहुंचेंगे

लालगोपालगंज तक पहुंचने में बचेंगे 20 मिनट 

प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर नवाबगंज से लालगोपालगंज के बीच 18 किलोमीटर की सड़क को फोरलेन बनाने के लिए 159 करोड़ मंजूर किए गए थे। इस परियोजना के पूरा होने से प्रयागराज से लालगोपालगंज तक पहुंचने में लगने वाला समय लगभग 45 मिनट से घटकर 25 मिनट रह जाएगा। यह चौड़ीकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (पुराना एनएच 24 बी) का हिस्सा है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विकसित किया जा रहा है।

चौड़ीकरण को सड़क खोद दी गई

इस सड़क को चौड़ी करने के लिए खोद दिया गया है। कई महीने से सड़क के गड्ढों और इधर-उधर फैली गिट्टियों से लोगों आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर बाइक से चलने पर एक घंटे तो कार से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। हादसे भी हो रहे हैं।

सड़क निर्माण की मुख्य बातें

-खंड: नवाबगंज से लालगोपालगंज तक।

-लंबाई: 18 किलोमीटर।

-लेन: फोर लेन।

-कुल लागत: 159 करोड़।

-विभाग: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ।

-लाभ: यात्रा के समय में कमी और सुरक्षा में वृद्धि।

अन्य संबंधित परियोजनाएं

-नवाबगंज से मलाक हरहर तक : इस खंड में ट्रैफिक अधिक होने के कारण सड़क को लगभग 8.5 किमी तक सिक्स लेन बनाया गया है, जिसकी लागत 87 करोड़ है।

-प्रयागराज-रायबरेली तक : पूरे 106 किलोमीटर के राजमार्ग को चौड़ा किया गया है, जिसमें कई बाईपास और सई नदी पर एक पुल भी शामिल है।

-ये भी हुए कार्य : प्रयागराज से रायबरेली तक जगतपुर, बाबूगंज, ऊंचाहार व आनापुर में कुल 24.14 किमी का बाईपास व सई नदी पर पुल बनाया गया है।

-ये सुविधाएं भी : आपरेशन एंड मेंटेनेंस की विशेष व्यवस्था है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर छोटी-मोटी मरम्मत का काम तुरंत कराया जा सके। हर आपरेशन एंड मेंटेनेंस एजेंसी ने विशेष टीम लीडर नियुक्त किया है।

-स्वास्थ्य सेवा : इस हाईवे पर एंबुलेंस भी लगाई गई है। दो बीएलएस एवं एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस हैं। हाईवे के आसपास स्थित सभी हास्पिटलों की मैपिंग कराते हुए आपातकालीन स्थिति में निकटतम अस्पताल तक पहुंचने की व्यवस्था है।

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