पांच दिनों में 12 अफसरों ने की 36 गोशालाओं की पड़ताल, प्रयागराज के मंडलायुक्त ने 3 दिन का दिया था समय
मंडलायुक्त की सख्ती के बाद प्रयागराज में 108 गोशालाओं की जांच के लिए 37 अधिकारियों को 3 दिन का समय ...और पढ़ें

प्रयागराज में गोशाला की जांच में अधिकारी दिलचस्पी कम दिखा रहे हैं।
HighLights
मंडलायुक्त को कांटी गोशाला के निरीक्षण में मिली थी अव्यवस्था
108 गोआश्रय स्थलों की जांच 3 दिन में 37 अधिकारियों को करनी थी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मंडलायुक्त की सख्ती के बाद जनपद में 108 गोशालाओं की जांच के लिए जनपद स्तरीय 37 अधिकारी नोडल बनाए गए थे। इनसे तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन अब तक 12 अफसरों ने 36 गोशालाओं की जांच की।
जिले गंगापार व यमुनापार में 108 गोशालाएं संचालित हो रहीं हैं। इनमें चारे-पानी की व्यवस्थाएं तो पहले से ही बेपटरी थीं, बारिश ने स्थितियों को और बदतर बना दिया। ज्यादातर गोशालाओं में कीचड़ और जलभराव के कारण गंदगी ने पैर पसार लिया है।
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने कांटी गोशाला का औचक निरीक्षण किया तो अव्यवस्थाओं की हकीकत सामने आ गई। संबंधित सचिव को निलंबित कर दिया था। इसी के बाद सीडीओ हर्षिका सिंह ने सभी गोशालाओं की जांच के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। किसी अधिकारी को दो तो किसी को तीन गोशाला आवंटित हुए थे। तीन दिन में गोशालाओं इसकी रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने जांच में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
