खेत में फावड़ा चला नहीं, समतलीकरण में निकले 2.37 लाख; मनरेगा के पुराने कार्यों की सोशल ऑडिट में भ्रष्टाचार की खुली पोल
मनरेगा के पुराने कार्यों की सोशल ऑडिट में प्रयागराज में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। खेतों के समतलीकरण और ...और पढ़ें

मनरेगा के पूर्व कामों की सोशल आडिट रिपोर्ट में भ्रष्टाचार का प्रयागराज में खुलासा हुआ है।
HighLights
फूलपुर के कनेहटी में काश्तकारों को बिन बताए कर दिया समतलीकरण
प्रयागराज जिले के जसरा के कचरा में नाला खोदवाए बगैर निकाली रकम
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मनरेगा बंद है, लेकिन पुराने कार्यों की सोशल आडिट में अभी भ्रष्टाचार की परत खुल रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्यों की सोशल आडिट रिपोर्ट बताती हैं कि भ्रष्टाचार में डूबी यह योजना अपने अंतिम वर्ष में भी लूट का शिकार हुई।
गंगापार में फूलपुर के कनेहटी में काश्तकारों के खेतों में एक फावड़ा चलाए बिन खेत के समतलीकरण के नाम पर 2.37 लाख निकल गए। यमुनापार में जसरा के कचरा में नाली व नाला निर्माण में भी हेराफेरी हुई है।
कनेहटी में कागजों पर 14744 रुपये में नाली व 39744 रुपये खर्च एक नाले की खोदाई में दिखाया गया। इसका भुगतान हो गया, लेकिन सोशल आडिट में इसके कार्य का कोई निशान नहीं मिला। ग्रामीणों ने कहा कि नाली व नालों में काम नहीं हुआ।
इसके अलावा 4,34,828 रुपये से कराए गए तमाम कच्चे कार्यों का कोई लेखा-जोखा सोशल आडिट टीम को नहीं मिला। सबसे बड़ा गोलमाल जसरा के कचरा गांव में हुआ। यहां किसान जतन के खेत के समतलीकरण के नाम पर 60480 रुपये का भुगतान कराया गया।
सोशल आडिट टीम का जतन से सामना हुआ तो पता चला कि उसके खेत में समतलीकरण हुआ ही नहीं। ऐसे ही गांव के ओझा और गिरजा शंकर के खेत का समतलीकरण दिखाकर क्रमश: 87948 और 89208 रुपये सरकारी खजाने से निकाले गए।
यहां भी सड़क, नाली आदि में 268876 रुपये का हिसाब सोशल आडिट को नहीं मिला। दोनों गांवों का सोशल आडिट करने वाले ब्लाक सोशल आडिट को-आर्डिनेटर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है।
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भ्रष्टाचार का मामला संज्ञान में नहीं आया है। सोशल आडिट की रिपोर्ट मिलने के बाद जांच कराई जाएगी।
गुलाब चंद्र, उपायुक्त वीबी जीरामजी
