प्रयागराज में Ganga-Yamuna का फिर बढ़ने लगा जलस्तर, चार घंटे में गंगा 4 सेमी और यमुना का पानी 2 सेमी बढ़ा
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर पहाड़ों पर हुई बारिश के कारण फिर से बढ़ने लगा है। पिछले ...और पढ़ें
HighLights
पहाड़ों पर हुई वर्षा से दोनों नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा
MP की केन-बेतवा व राजस्थान की चंबल का पानी यमुना में आ रहा
पिछले सप्ताह आठ दिनों तक जलस्तर बढ़ने के बाद कम हुआ था
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पहाड़ों पर हो रही बारिश ने प्रयागराज के लोगों को एक बार फिर परेशान करने वाली है। इसका कारण है गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ना। 26 अगस्त की शाम से दोनों नदियों का पानी बढ़ने लगा है।
मध्य प्रदेश की केन और बेतवा नदियों तथा राजस्थान की चंबल नदी का पानी यमुना में आ रहा है। माताटीला बांध से भी यमुना में पानी छोड़ा रहा है। इससे ही यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई वर्षा से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। गंगा में कानपुर बैराज तथा नरौरा बांध से पानी छोड़ा जा रहा है, जिसका असर दिखाई देने लगा है।
पिछले हफ्ते आठ दिन तक दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रयागराज में बाढ़ का पानी गांवों और शहर के निचले इलाकों में घुसने लगा था। इसके बाद पानी कम हुआ। तीन दिनों में लगभग पौने दो मीटर जलस्तर कम हो गया था। वहीं 26 अगस्त की शाम से गंगा-यमुना का पानी फिर बढ़ने लगा।
चार घंटे में गंगा चार सेमी तो यमुना दो सेमी बढ़ी हैं। माना जा रहा है कि दोनों नदियों में अभी पानी बढ़ सकता है। वहीं टोंस और बेलन नदियां भी तेजी में हैं। बेलन नदी लालगंज में 10 सेमी तो टोंस मेजा रोड में 20 सेमी बढ़ी है। सोनभद्र से निकलकर मीरजापुर होते हुए प्रयागराज में कोरांव होकर यह नदी टोंस में मिलती है। टोंस नदी करछना के पनासा गांव के पास गंगा में मिलती है। बुधवार रात गंगा का जल स्तर 80.56 मीटर तो यमुना का जल स्तर 79.46 मीटर रिकार्ड किया गया।
