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संगम नगरी में गोबर और गीले कूड़े से बनेगी बिजली, झूंसी और फाफामऊ में लगेगा बायो गैस प्लांट

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 27 Aug 2026 02:13 PM (IST)

प्रयागराज में झूंसी और फाफामऊ में दो नए बायोगैस प्लांट लगेंगे, जो गोबर और गीले कूड़े से बिजली बनाएंगे। इन ...और पढ़ें

गोबर-गीले कूड़े से बिजली बनाने के लिए प्रयागराज में दो बायो गैस प्लांट लगेंगे।

गोबर-गीले कूड़े से बिजली बनाने के लिए प्रयागराज में दो बायो गैस प्लांट लगेंगे।

HighLights

  1. छह करोड़ रुपये की खर्च होगी धनराशि

  2. एक माह बाद जमीन का हाेगा चिह्निकरण

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर में गीले कूड़े के बेहतर निस्तारण और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम झूंसी और फाफामऊ में बायोगैस प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है। दोनों स्थानों पर बनने वाले प्लांट से गोबर और गीले कूड़े से बिजली तैयार की जाएगी, जो नगर निगम की इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग में मददगार बनेगी।

बायोगैस प्लांट में कूड़ा निस्तारण के साथ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। नगर निगम के अनुसार दोनों बायोगैस प्लांट स्थापित करने में करीब छह करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक प्लांट में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गीले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था होगी। दोनों प्लांट की कुल क्षमता 100 मीट्रिक टन गीले कूड़े से 100 किलो वाट बिजली उत्पादन की होगी।

इसके लिए शहर से निकलने वाले गीले कूड़े और आसपास के क्षेत्रों से मिलने वाले गोबर का इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निगम की ओर से इससे पहले करीब दो वर्ष पूर्व करैलाबाग में 150 टन गीला कूड़ा से बिजली बनाने के लिए बायोगैस प्लांट स्थापित किया जा चुका है। झूंसी और फाफामऊ में प्लांट बनने के बाद इन क्षेत्रों में निकलने वाले गीले कूड़े के निस्तारण में आसानी होगी।

नगर निगम विद्युत यांत्रिक के मुख्य अभियंता डॉ. संजय कटियार का कहना है कि बायोगैसं प्लांट बनाने के लिए बारिश के बाद जमीन चिह्नित की जाएगी। इससे गीला कूड़ा निस्तारित करने में मदद तो मिलेगी ही ,बिजली का उत्पादन होने से निगम की आय भी बढ़ेगी

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