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बाढ़ से खराब हुई फसल से निराश किसान ने मुआवजे का अनोखा तरीका अपनाया, प्रयागराज तहसील प्रशासन-पुलिस के हाथ-पांव फूले

By rajendra yadav Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 27 Aug 2026 01:01 PM (IST)

प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र में बाढ़ से फसल नष्ट होने पर मुआवजे की मांग को लेकर एक किसान बिजली ...और पढ़ें

प्रयागराज में यमुनापार के मांडा क्षेत्र के ढिलिया गांव में बिजली टॉवर पर चढ़ा किसान सुशील यादव। जागरण

प्रयागराज में यमुनापार के मांडा क्षेत्र के ढिलिया गांव में बिजली टॉवर पर चढ़ा किसान सुशील यादव। जागरण

HighLights

  1. किसान बिजली टॉवर पर 20 फीट ऊंचाई तक चढ़ गया

  2. तहसील में प्रार्थनापत्र देने के बाद भी नहीं मिला मुआवजा

  3. यमुनापार के मांडा थाना क्षेत्र के ढिलिया गांव की घटना

जागरण् संवाददाता, प्रयागराज। जब तक बाढ़ में नष्ट हुई फसल का मुआवजा नहीं मिलेगा, मैं नीचं नहीं उतरुंगा...। ऐसा कहना था बिजली के टॉपर पर चढ़े एक किसान का, जिसने फसल नुकसान के संबंध में प्रार्थनापत्र तहसील प्रशासन काो दिया था, लेकिन अभी तक उसे मुआवजा नहीं मिला। वहां पहुंचे तहसील के अधिकारी और पुलिस ने उसे मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। हालांकि काफी देर तक मान-मनौवल के बाद भी वह मानने को तैयार नहीं था।

करीब 50 बीघा फसल बाढ़ से नष्ट हो गई है

मामला यमुनापार में मांडा थाना क्षेत्र के ढिलिया गांव का है। यहां स्थित बिजली टॉवर पर गुरुवार सुबह एक किसान चढ़ गया। यह देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने किसान को नीचे उतरने को कहा तो बाढ़ से नष्ट हुई फसल के मुआवजा दिलाने की मांग की। गांव निवासी सुशील यादव व उनके परिवार की करीब 50 बीघा फसल बाढ़ से नष्ट हो गई है। मुआवजा के लिए तहसील में प्रार्थना पत्र भी दिया, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला।

परिवार के लोग भी टॉवर से नीचे उतरने का किया अनुरोध

सुबह करीब 10 बजे सुशील अपने खेत में पहुंचा। यहीं बगल में लगे बिजली के टॉवर पर चढ़ गया। लगभग 20 फीट ऊंचाई पर उसे चढ़ा देख ग्रामीणों की नजर पड़ी तो भीड़ जुट गई। स्वजन भी आ गए। सभी ने उनसे नीचे उतरने को कहा, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, वह नीचे नहीं उतरेंगे।

किसान को मनाने पहुंचे तहसील के अधिकारी व पुलिस 

खबर पाकर मांडा पुलिस के साथ ही तहसील के अधिकारी पहुंचे। सुशील से बात करते हुए कहा कि बाढ़ से नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलाया जाएगा, लेकिन वह कुछ मानने को तैयार नहीं था। सुशील का कहना है कि उसे और उनके परिवार के लोगों को जब तक नष्ट हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिलेगा, वह नीचे नहीं उतरेंगे।

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