प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में 60 करोड़ की हेराफेरी, ID हैक कर 3.18 लाख अपात्र बनाए लाभार्थी
प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 60 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें

सोर्स- AI से जेनरेट की गई प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
उप कृषि निदेशक ने दी तहरीर, साइबर थाना पुलिस करेगी केस की जांच
पुलिस को सौंपी गई 3,18,846 अपात्रों के नाम की सूची, अब होगी कार्रवाई
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में सेंध लगाए जाने की जांच में तेजी आई है। बुधवार को इस प्रकरण में साइबर थाने में एक अज्ञात आरोपित पर 60 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी का केस दर्ज किया गया। पुलिस को तीन लाख से अधिक अपात्रों के नाम की सूची भी सौंपी गई है। अब गलत ढंग से सरकारी पैसा हजम करने व उनको इसका लाभ देकर अपनी जेब भरने वालों पर कार्रवाई होगी।
4 वर्ष पूर्व कुंडा तहसील में हुई थी जालसाजी
चार साल पहले कुंडा तहसील में योजना की लागिन, आइडी का दुरुपयोग करके सरकारी पोर्टल के विकल्प डायरेक्ट एंट्री के जरिए जालसाजों ने बड़े पैमाने पर खेल किया था। इसमें नाबालिग और अन्य अपात्रों का पंजीकरण इस सरकारी योजना में करवा दिया गया था। यही नहीं इसमें कई दूसरे जिले और प्रांत के लोग भी शामिल थे।
योजना के डायरेक्ट एंट्री का विकल्प में सेंध लगाई
पहले पीएम किसान पंजीकरण तहसील से अग्रसारित होकर जनपद कार्यालय की लागिन पर प्राप्त होता था। चार साल पहले कृषकों की सुविधा के लिए सरकार ने तहसीलों पर डायरेक्ट एंट्री का विकल्प उपलब्ध कराया दिया था। इसी में शातिरों ने सेंध लगाई।
गडबड़ी पकड़ी गई तो हुई सख्ती
इसकी जांच तहसील प्रशासन से लेकर विजिलेंस तक ने की। बाद में शासन स्तर पर जांच होने व गड़बड़ी की पुष्टि होने पर सख्ती शुरू हुई। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने इस गंभीर प्रकरण में आरोपितों पर एफआइआर दर्ज करने को कहा। एसपी को पत्र भी लिखा था।
उप कृषि निदेशक ने केस दर्ज कराया था
उप कृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह द्वारा दर्ज कराए गए केस में कहा गया है कि अब तक 60 करोड़ रुपये से अधिक के दुरुपयोग की आशंका है। इसमें कई लोग शामिल हैं। पुलिस को 318846 अपात्रों की सूची पेन ड्राइव में सौंपी गई है। एएसपी आलोक कुमार का कहना है कि कृषि विभाग की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। संबंधित अभिलेखों की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।

प्रकरण पर एक नजर
- 2019-20 में पीएम किसान निधि का शुरू हुआ था पंजीकरण
- 2021-22 में जनसेवा केंद्र और तहसीलदार कुंडा की आइडी हैक कर दर्ज हुए थे फर्जी नाम
- 2023-24 में कुंडा एसडीएम की रिपोर्ट पर तत्कालीन डीएम ने दिए थे जांच के आदेश
- 2024-25 में विजिलेंस ने शुरू की इस गबन प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच
- 10 जुलाई 2026 को शासन ने डीएम को कार्रवाई के लिए किया था आदेशित
- 09 अगस्त को डीएम ने कृषि विभाग व एसपी काे लिखा एफआइआर के लिए पत्र।
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