प्रयागराज में बाढ़ का खतरा : नदियां उफनाईं, तीन रपटा डूबने से 22 गांव पानी से घिरे; 40 हजार की आबादी का आवागमन ठप
प्रयागराज में टोंस, बेलन और टुड़ियारी नदियों का जलस्तर बढ़ने से तीन रपटे डूब गए, जिससे 22 गांवों का संपर्क ...और पढ़ें

प्रयागराज के कोरांव में बेलन नदी के उफनाने से भोगन गांव के पास का डूबा रपटा। जागरण
HighLights
गंगा-यमुना संग टोंस, बेलन व टुड़ियारी नदियों का बढ़ा जलस्तर, और वृद्धि की आशंका
मंडलायुक्त और डीएम ने प्रभावित गांवों में आवश्यक प्रबंध कराने के दिए निर्देश
बाढ़ चौकियों पर स्टाफ की तैनाती, नावों के संचालन के साथ ही सतर्कता पर जोर
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। यमुनापार के कोरांव तहसील क्षेत्र में बेलन नदी का जल स्तर बढ़ने से तीन रपटा (छोटे पुल) डूब गए। इससे 22 गांवों का संपर्क टूट गया है। लगभग 40 हजार की आबादी का आवागमन ठप हो गया है। वहीं टोंस, टुड़ियारी, गोरमा व लपरी नदियों का भी पानी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई गांवों में नालों से बाढ़ का पानी घुसने लगा है। इन पहाड़ी नदियों का जल स्तर अभी और भी बढ़ने की संभावना है।इसके मद्देनजर मंडलायुक्त डॉ.लोकेश एम. व डीएम मनीष कुमार वर्मा ने तहसील प्रशासन को आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।
सोनभद्र से निकली बेलन नदी प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में गंगा की सहायक नदी टोंस में मिलती हैं। वैसे तो बेलन नदी में पिछले चार दिनों से पानी बढ़ रहा है मगर रविवार से ज्यादा जल स्तर बढ़ने लगा। सोमवार को यह नदी उफान पर पहुंच गई। इससे रतेवरा-बड़ोखर मार्ग पर भोगन के पास रपटा डूब गया। इस रपटा के ऊपर लगभग 10 फीट पानी बह रहा है।

इससे भोगन, मनीपुर, लखनपुर, खिवली, लौआ कोन, तिवारीपुर, बांसघाट, टुड़ियार तथा बड़ोखर समेत लगभग एक दर्जन गांवों का संपर्क कट गया। वहीं टुड़ियारी नदी का जल स्तर बढ़ने से हरदिहा-भगवानपुर गांव के पास स्थित रपटा भी डूब गया। यह नदी मीरजापुर के ड्रमंडगंज के पास निकलती है जो कोरांव में बेलन नदी में मिलती है।
इससे बैठकवा, देवघाट, संसारपुर समेत लगभग 10 गांवों का संपर्क टूटा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम कोरांव टी.प्रसाद ने मातहत अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर वहां पर आवश्यक व्यवस्था के निर्देश दिए। कोटेदारों को खाद्यान्न वितरण तो लेखपालों को विशेष परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए नदी में नाव संचालित करने के लिए निर्देशित किया। स्वास्थ्य विभाग को गांवों में शिविर लगाने को कहा।
मध्य प्रदेश के सतना से निकली टोंस रीवा, चाकघाट होते हुए प्रयागराज के बारा क्षेत्र में प्रवेश करती है। मेजा, करछना होते हुए गंगा में मिलती है। इस नदी का पानी पिछले चार दिनों से बढ़ रहा है। इन दिनों में नदी का जल स्तर लगभग साढ़े तीन मीटर बढ़ा है।
डूबे युवक के स्वजन को आर्थिक सहायता नहीं मिला
कोरांव के खिवली कला गांव निवासी मोनू चौबे (22) पुत्र आदित्य चौबे की शनिवार को बेलन नदी में डूबकर मौत हो गई थी।उसका शव दूसरे दिन रविवार को मिला था। सोमवार शाम 48 घंटे बाद तक परिवार के लोगों को आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी थी, जबकि मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे में मदद मिलनी चाहिए। तहसील प्रशासन और आपदा राहत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से निर्देशों का पालन नहीं हो सका।
तहसीलदार पर महिलाओं का गुस्सा भड़का
बेलन नदी में मोनू चौबे के डूबकर मौत के मामले में महिलाओं का गुस्सा तहसीलदार कोरांव रोशनी सोलंकी पर भड़क गया था। इसका वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। महिलाओं ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। दैनिक जागरण इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। दरअसल, सूचना देने के बाद भी तहसील प्रशासन शनिवार शाम काफी देर से पहुंचा था। यही नहीं रपटा पर लोक निर्माण विभाग ने रेलिंग नहीं लगाई है जिससे मोनू साइकिल समेत नदी में रपटा से गिर गया था। इससे ही महिलाओं में नाराजगी थी।
