गंगा-यमुना के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी, प्रयागराज में हालात कुछ सामान्य; बाढ़ का संकट अभी टला नहीं
प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। हालात ...और पढ़ें

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर अस्थिर, संगम तट का दृश्य। जागरण
HighLights
नदी तटीय इलाकों के लोग बाढ़ के संभावित खतरे से आशंकित
गंगा का पानी फिर बढ़ने के कारण झूंसी स्थित बदरा की पुलिया डूबी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जनपद में अभी भी गंगा-यमुना में बाढ़ की संभावित आशंका से नदी तटीय इलाकों के मुहल्लों और गांवों में दहशत का माहौल है। दोनों नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी जलस्तर बढ़ने लगता है तो कभी घट जाता है। गुरुवार की सुबह तक जलस्तर बढ़ रहा था। इसके बाद यमुना में पानी घटने लगा। फाफामऊ में यमुना घटी हैं, जबकि छतनाग में मामूली बढ़ोतरी हुई।
शहर के राजापुर सहित मेजा और करछना के कई गांव कई दिनों तक गंगा-यमुना व टोंस आदि नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की चपेट में थे। अब जाकर यहां हालात कुछ सामान्य हुए है, लेकिन संकट अभी टला नहीं है।
गंगा-यमुना में जलस्तर कभी घटता है तो कभी बढ़ जाता है। बुधवार की रात तक गंगा और यमुना दोनों में पानी बढ़ रहा था। रात आठ बजे तक यमुना 81.60 मीटर पर आ गई थी। फाफामऊ में गंगा 81.79 और छतनाग में 81.10 मीटर पर बह रही थी। शुक्रवार की रात आठ बजे यमुना का जलस्तर 81.55 पर आ गया। वहीं गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 81.95 तो छतनाग में 81.10 मीटर पर बह रहीं हैं। यही नहीं गुरुवार को पूरे दिन जलस्तर में उतार-चढ़ाव चलता रहा।
बाढ़ का पानी दोबारा बढ़ने से झूंसी-गारापुर मार्ग बदरा गांव के पास पुलिया फिर डूब गई। इसी पानी से लोगों का आवागमन हो रहा है। मंगलवार की सुबह ही पुलिया से पानी हटा था और आवागमन सामान्य हुआ था। एक बार फिर यह समस्या खड़ी हो गई है। बदरा, सोनौटी, ढोलबजवा, इब्राहिमपुर, बहादुरपुर कछार सहित कई गांवों के लोगों दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
