40 साल तक खोजता रहा परिवार, पितृ पक्ष में मृत मान पुतले का विधि-विधान से किया अंतिम संस्कार
प्रयागराज के दुबेपुर में एक परिवार ने 40 साल से लापता अपने पिता रमेंद्र नाथ शुक्ला को मृत मानकर पितृ पक्ष में उनका पुतला बनाकर विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
40 साल से लापता पिता का परिवार ने किया अंतिम संस्कार।
प्रयागराज के दुबेपुर में पितृ पक्ष में पुतले को मुखाग्नि दी।
घर में विवाद के बाद 26 वर्षीय रमेंद्र नाथ हुए थे लापता।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। लहलहाती खेती की तरह जीवन खुशहाल था। खुशियों के बीच विवाह हुआ। दो बच्चों का जन्म हुआ। एक दिन पत्नी और पिता से परिवार को लेकर विवाद हुआ। गुस्सा होकर 26 वर्षीय रमेंद्र नाथ उर्फ राम मिलन शुक्ला घर छोड़कर चले गए। एक-एक कर कई दिन गुजर गए। वापस नहीं लौटे तो घरवाले खोजबीन में जुट गए।
पुलिस की भी मदद ली, लेकिन कुछ पता नहीं चला। दिन या रात में बंद दरवाजा कोई खटखटाता तो भीतर मौजूद लोगों को रमेंद्र के आने की आहट होती, लेकिन चेहरा सामने आता तो कोई और होता।
यह सिलसिला चार दशक तक चलता रहा, 40 साल तक परिवार लापता रमेंद्र को खोजता रहा। मगर निराशा हाथ लगी तो बेटों ने उन्हें मृत मान लिया। सर्वसम्मति से फैसला लेकर बेटे ने पितृ पक्ष में सोमवार को रमेंद्र का पुतला बनाया और फिर विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर दिया।
लोगों को भावुक करने वाली यह घटना मेजा क्षेत्र के दुबेपुर में हुई। बेटे श्रीनिवास शुक्ला ने बताया कि उनके पिता करीब 40 साल पहले घर में विवाद होने के बाद बाहर चले गए थे। रिश्तेदार, परिचित समेत सभी संभावित ठिकानों पर तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। तब उन्हें मृत मान लिया गया।
सोमवार को किसान रमेंद्र के पुतले को कपड़े पहनाए गए, उनके बेटे श्रीनिवास शुक्ला ने मुखाग्नि देकर दुबेपुर गंगा तट पर अंतिम संस्कार किया। इस दौरान गांव के रामचरण पांडेय, विंध्यवासिनी प्रसाद तिवारी, मस्तराम शुक्ला, लल्ला पुष्पाकर, नेब्बू लाल निषाद आदि ने शोक संवेदना जताई।
