विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जलभराव से प्रयागराज को मिलेगी मुक्ति, 1500 करोड़ से सुधरेगा ड्रेनेज सिस्टम; ड्रोन से सर्वे दिसंबर तक

By Birendra Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 23 Oct 2026 07:05 AM (IST)

प्रयागराज में जलभराव की समस्या से निजात पाने के लिए 1500 करोड़ रुपये से ड्रेनेज सिस्टम सुधारा जाएगा। दिसंबर तक ...और पढ़ें

प्रयागराज में जल निकासी व्यवस्था बेहतर करने को ड्रेनेज सिस्टम ठीक किया जाएगा। जागरण आर्काइव

प्रयागराज में जल निकासी व्यवस्था बेहतर करने को ड्रेनेज सिस्टम ठीक किया जाएगा। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. जार्जटाउन, टैगोर टाउन और अल्लापुर में जल निकासी के लिए बनेंगे पंपिंग स्टेशन

  2. मेडिकल कालेज चौराहे पर 28 करोड़ से जल्द शुरू होगा पंपिंग स्टेशन का निर्माण

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बारिश होते ही सड़कों से लेकर घरों तक पानी भरने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए अब पूरे ड्रेनेज सिस्टम को नए सिरे से सुधारने की तैयारी है। हर साल जलभराव से जूझने वाले मुहल्लों की समस्या दूर करने के लिए 1500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की योजना बनाई गई है।

इसके लिए ड्रोन से सर्वे कराकर जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों की स्थिति और पानी निकासी में बाधाओं का पता लगाया जा रहा है। दिसंबर तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद तैयार होने वाले मास्टर प्लान के आधार पर जल निकासी की व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाएगा।

नगर निगम ने इस योजना की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) को सौंपी है। शहर की भौगोलिक स्थिति, जलभराव के कारणों और नालों के नेटवर्क का आकलन कर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इसके लिए सीएनडीएस को 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं। ड्रेनेज सिस्टम को तकनीकी रूप से बेहतर बनाने के लिए मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।

नगर आयुक्त साईं तेजा ने बताया कि पूरे शहर में जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान करने के उद्देश्य से ठोस कार्ययोजना बनाई जा रही है। ड्रोन सर्वे से उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां पानी जमा होने की समस्या अधिक गंभीर है और इसके पीछे कौन से कारण जिम्मेदार हैं।

गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने के साथ बारिश होने पर कई इलाकों में जल निकासी प्रभावित हो जाती है। नालों के जरिए पानी वापस मोहल्लों में पहुंचने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। इसे रोकने के लिए नालों को पक्का करने और जरूरत के अनुसार पंपिंग स्टेशन बनाने की योजना है। इससे बारिश के दौरान जमा पानी को तेजी से बाहर निकालने में मदद मिलेगी। किन स्थानों पर किस क्षमता के पंपिंग स्टेशन की जरूरत है, इसका निर्धारण सर्वे और मास्टर प्लान के आधार पर किया जाएगा।

अल्लापुर, मेडिकल कालेज चौराहे पर बनेंगे पंपिंग स्टेशन

जार्जटाउन, टैगोर टाउन और अल्लापुर में बारिश के दौरान जलभराव से बड़ी आबादी प्रभावित होती है। इन क्षेत्रों में जल निकासी बेहतर बनाने के लिए अल्लापुर और मेडिकल कालेज चौराहे के पास पंपिंग स्टेशन बनाने की योजना है। मेडिकल कालेज चौराहे के पास पंपिंग स्टेशन निर्माण के लिए टेंडर भी निकाला जा चुका है। इस परियोजना पर 28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चाचर और घाघर नाला पर भी पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।

ड्रेनेज सिस्टम सुधारने की योजना में केवल नालों का निर्माण ही नहीं, बल्कि पानी के प्राकृतिक बहाव, निकासी मार्गों और पंपिंग व्यवस्था को भी ध्यान में रखा जाएगा। ड्रोन सर्वे और विशेषज्ञों के तकनीकी आकलन के बाद मास्टर प्लान तैयार होगा। मास्टर प्लान के अनुसार कार्य किए जाने पर जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी।
- साईं तेजा,नगर आयुक्त, प्रयागराज।

यह भी पढ़ें- वाट्सएप पर एक मैसेज से सुलझेगी पेंशनरों की समस्या, उत्तर मध्य रेलवे ने अपने पेंशनर्स के लिए शुरू की पहल

यह भी पढ़ें- प्रयागराज के नेहरू पार्क में बनेगी मिनी सफारी, कुलांचे भरेंगे हिरन, पक्षियों का होगा कलरव