खरीदी नकली वर्दी, होटल में बनाया पुलिस थाने का सेटअप, प्रयागराज में डॉक्टर से 1.78 करोड़ की ठगी मामले में खुलासा
प्रयागराज की एक महिला डॉक्टर से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.78 करोड़ रुपये की ठगी का नया खुलासा हुआ है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
प्रयागराज डॉक्टर से डिजिटल अरेस्ट कर 1.78 करोड़ की ठगी।
लखीमपुर से वर्दी खरीद मुंबई होटल में बनाया फर्जी थाना।
पुलिस ने एक आरोपी पकड़ा, फरार साथियों की तलाश जारी।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जार्जटाउन निवासी महिला डॉक्टर व पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) किरण को डिजिटल अरेस्ट करके एक करोड़ 78 लाख 60 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी करने के मामले में नया तथ्य सामने आया है।
पता चला है कि साइबर अपराधियों ने लखीमपुर से पुलिस की वर्दी खरीदी थी। फ्लाइट से मुंबई पहुंचे। वहां होटल में कमरा लेने के बाद पुलिस थाने जैसा सेटअप बना दिया था। फिर सिग्नल एप के माध्यम से महिला डॉक्टर को वीडियो कॉल करके जेल भेजने की धमकी दी और फिर ऑनलाइन पैसा मंगवाया। साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम को पांच बैंक खातों में ट्रांसफर किया था।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी
साइबर क्राइम थाने की पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार किए गए हार्डवेयर के दुकानदार आयुष अवस्थी के वाट्सएप चैट की जांच की गई तो चौंकाने वाली जानकारी मिली। आयुष ने कुछ लोगों ने मैसेज भेजकर कहा कि वह गैंगस्टर बन गया है। उसके पास काफी पैसा आ गया है और जल्द ही कुछ बड़ा करने वाला है।
उसने अपनी पत्नी से भी आर्थिक तंगी दूर होने की बात कही थी। पुलिस को व्हाट्सएप से गिरोह में शामिल कई अन्य युवकों के बारे में भी पता चला है। उनकी संलिप्तता के आधार पर कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही आयुष चौधरी के फरार साथी निशांत त्रिवेदी और राजन शुक्ला की तलाश की जा रही है।
उनकी गिरफ्तारी होने पर गिरोह से जुड़े नई जानकारी भी सामने आ सकती है। साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। वांछित आरोपितों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
