विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रयागराज में चार स्थानों पर नई आवासीय योजना विकसित होगी, 18 गांवों के किसानों से जमीन अधिग्रहण करेगा पीडीए

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 19 Mar 2026 03:03 PM (IST)

प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) 1600 हेक्टेयर क्षेत्र में चार नई आवासीय योजनाएं शुरू करेगा, जिनमें लगभग 1641 करोड़ रुपये का ...और पढ़ें

प्रयागराज विकास प्राधिकरण। जागरण आर्काइव

प्रयागराज विकास प्राधिकरण। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. कटहुला गौसपुर, गारापुर, चौखटा समेत चार जगह 1600 हेक्टेयर भूमि पर होगा विकास

  2. पीडीए सचिव बोलेञ इन योजनाओं में आवासीय और व्यवसायिक भूखंडों की बिक्री की जाएगी

  3. सिविल लाइंस, टैगोर टाउन, जार्ज टाउन में आठ मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवन बन सकेंगे

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) 1600 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में चार आवासीय योजना विकसित करेगा। इन आवासीय योजनाओं पर करीब 1641 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इसके लिए प्रयागराज सदर, फूलपुर करछना और बारा तहसील क्षेत्र में भूमि भी चिह्नित की जा चुकी है।

यहां प्रस्तावित हैं आवासीय योजनाएं 

यह प्रस्तावित आवासीय योजनाएं सदर तहसील के राजस्व गांव कटहुला गौसपुर, फूलपुर के गारापुर, करछना के चौखटा और बारा के इरादतगंज क्षेत्र में विकसित की जाएंगी। इनके लिए लगभग 18 गांव के काश्तकाराें से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। एयरपोर्ट की तरफ एरो सिटी और इरादतगंज में आवासीय योजना सबसे पहले विकसित की जाएगी।

लोगों को मिल सकेगा आवास व भूखंड

पीडीए के सचिव अजीत सिंह ने बताया कि इन चारों स्थानों पर आवासीय योजना शुरू होने से बड़ी संख्या में लोगों को आवास और भूखंड मिल सकेगा, जिनका अपना आशियाना का सपना है। इन योजनाओं में आवासीय और व्यवसायिक भूखंडों की बिक्री की जाएगी।

शहर में बन सकेंगे बहुमंजिला भवन

सिविल लाइंस, टैगोर टाउन और जार्जटाउन सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी आने वाले दिनों में आठ मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवन बनाए जा सकेंगे। इसके पहले 7.50 मीटर की ऊंचाई तक भवन बनाने की अनुमति थी। पीडीए बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव पास कर दिया गया है। पीडीए इसे जल्द ही शासन के पास अनुमोदन के लिए भेजेगा। इसके अलावा 200 वर्ग मीटर के दायरे वाले भूखंड का मानचित्र भी पास हो जाएगा।

इस बदलाव से भवन स्वामियों को सहूलियत मिलेगी

पीडीए सचिव ने बताया कि शहरी सीमा के विस्तार और महायोजना-2031 को पास करने के दौरान इस पर ध्यान नहीं दिया गया था, जिस कारण से पुराने नियमों के अनुसार ही मानचित्र और भवनों का निर्माण इस क्षेत्र में होता था। इस प्रस्ताव का अनुमोदन शासन से मिल जाने के बाद आठ मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवन बनाए जा सकेंगे। 200 वर्ग मीटर के भूखंड पर मानचित्र पास करने की सुविधा न होने से बड़ी संख्या में लोग अवैध निर्माण कर लेते थे। इस बदलाव से भवन स्वामियों को सहूलियत मिलेगी। वहीं पीडीए के राजस्व में भी वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृति मिलने के बाद 15 मंजिल से अधिक ऊंचाई वाले भवनों का निर्माण किया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें- ईमेल के एक धमकी भरे मैसेज ने प्रधान डाकघर में मचा दी खलबली, जांच में कुछ नहीं निकला तो मिली राहत

यह भी पढ़ें- प्रदेश के 32480 स्कूल बने निपुण, इनमें संगम नगरी के 808 शामिल हैं विद्यालय; कहां सबसे अधिक व कहां सबसे कम?