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प्रदेश के 32480 स्कूल बने निपुण, इनमें संगम नगरी के 808 शामिल हैं विद्यालय; कहां सबसे अधिक व कहां सबसे कम?

By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 19 Mar 2026 12:18 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में 32480 स्कूल निपुण घोषित किए गए हैं, जिनमें प्रयागराज के 808 स्कूल शामिल हैं। जिले में केवल ...और पढ़ें

प्रयागराज में शिक्षा की गुणवत्ता में केवल 33% स्कूल निपुण हैं, करछना की स्थिति सबसे खराब है। प्रतीकात्मक फोटो

प्रयागराज में शिक्षा की गुणवत्ता में केवल 33% स्कूल निपुण हैं, करछना की स्थिति सबसे खराब है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. जनपद की निपुण सूची में करछना विकास खंड सब से नीचे

  2. 48 प्रतिशत आंकड़े के साथ शीर्ष पर मऊआइमा विकासखंड

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बेसिक स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता और बच्चों की समझ के स्तर को जानने के लिए पिछले दिनों डीएलएल प्रशिक्षुओं से निपुण असिसमेंट टेस्ट कराया गया। उसके नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। प्रदेश में कुल 32480 और संगम नगरी में 808 स्कूल निपुण घोषित हुए हैं। प्रतिशत में देखें तो प्रयागराज के मात्र 33 प्रतिशत स्कूलों के बच्चे निपुणता के मानक पर खरे उतरे हैं।

कक्षा एक और दो के बच्चों का मूल्यांकन सभी जिलों में किया गया। अब जो स्कूल निपुण घोषित हुए हैं, उनके शिक्षकों का सम्मान डीएम और सीडीओ के कराते हुए प्रशंसापत्र दिया जाएगा। स्कूलों में निपुण लोगों की पेंटिग कराई जाएगी।

प्रत्येक विद्यालय में दैनिक शिक्षण योजना लागू करते हुए पाठ्यक्रम को मासिक आधार पर विभाजित कर शिक्षण का निर्देश अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दिया है। कहा है कि निपुण टेस्ट के नतीजों का विश्लेषण करते हुए विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएं।

बीएसए अनिल कुमार के अनुसार 25 मार्च को निपुण सम्मान समारोह कराया जाएगा। प्रयागराज में सब से खराब स्थिति करछना विकास खंड की है। यहां मात्र 12 प्रतिशत विद्यालय निपुण बने हैं। कुल 131 स्कूलों के बच्चों का मूल्यांकन हुआ इसमें सिर्फ 17 स्कूल निपुण बने।

बहरिया विकास खंड के 18 विद्यालय, नगर क्षेत्र के 11, होलागढ़ के 15, सैदाबाद के 22 स्कूल निपुण हुए हैं। इनका प्रतिशत क्रमश: 16, 17, 18, 17 है। सब से अच्छी स्थिति मऊआइमा विकासखंड की है। यहां 48 प्रतिशत स्कूल निपुण सूची में शामिल हैं। इस विकासखंड में 81 स्कूलों के बच्चों का परीक्षण हुआ था, इसमें से 39 विद्यालय के बच्चे मानक पर खरे उतरे।

चाका के 32, धनूपुर के 37, हंडिया के 42, जसरा के 40, कौधियारा के 33, कौड़िहार प्रथम के 22, कोराव के 84, मांडा व मेजा के 55-55 विद्यालय निपुण हैं। फूलपुर विकसखंड के 39, प्रतापपुर के 43, उरुवा के 29, श्रृंगवेरपुर के 25, सोरांव के 19, शंकरगढ़ के 53 विद्यालय निपुण हो चुके हैं।