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प्रयागराज में सीएमपी डिग्री कॉलेज के छात्रों ने जल संकट के प्रति किया जागरूक, पोस्टर के माध्यम से समाधान भी बताए

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 19 Mar 2026 03:31 PM (IST)

प्रयागराज के सीएमपी डिग्री कॉलेज में विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में छात्रों ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। ...और पढ़ें

मेकिंग पोस्टर प्रतियोगिता में शामिल सीएमपी डिग्री कॉलेज के विद़्यार्थी। सौजन्य : विभाग

मेकिंग पोस्टर प्रतियोगिता में शामिल सीएमपी डिग्री कॉलेज के विद़्यार्थी। सौजन्य : विभाग

HighLights

  1.  विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन

  2. जल चक्र भूजल पुनर्भरण और अपशिष्ट जल उपचार को प्रदर्शित किया

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। विश्व जल दिवस 22 मार्च को है। ऐसे में गुरुवार को सीएमपी डिग्री कॉलेज के रसायन विभाग के छात्रों की पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता हुई। पोस्टरों के माध्यम से छात्रों ने बढ़ते जल संकट की गंभीरता के प्रति लोगों को सचेत करते हुए जल संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया। साथ ही इसके वैज्ञानिक समाधान भी बताए। 

एआइ का उपयोग जल प्रबंधन में ला सकता है क्रांति  

जल गुणवत्ता प्रबंधन कोर्स के कोआर्डिनेटर डॉ प्रमोद शर्मा के नेतृत्व में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। पोस्टरों के माध्यम से जल चक्र भूजल पुनर्भरण और अपशिष्ट जल उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कलात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया। कई चित्रों में यह दर्शाया गया कि कैसे आधुनिक तकनीक और एआइ. का उपयोग जल प्रबंधन और शुद्धिकरण में क्रांति ला सकता है।

पोस्टरों ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया

पोस्टरों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुख्य संदेशों में 'जल ही जीवन है' से आगे बढ़कर 'जल का भविष्य, हमारा भविष्य' जैसे आधुनिक नारों का प्रयोग किया गया। निर्णायक प्रो.आरती गुप्ता, प्रो.बबिता अग्रवाल, प्रो.मृदुला त्रिपाठी, डॉ. धर्मेन्द्र साहू, प्रो.अनिल कुमार शुक्ला आदि प्राध्यापक रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक विज्ञान के छात्र होने के नाते हमारी जिम्मेदारी केवल जल बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल की शुद्धता को बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक नवाचारों को अपनाने की भी है।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति नैतिक जिम्मेदारी का बोध कराया

प्राध्यापकों ने बताया कि पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता ने हमें यह समझने का अवसर दिया कि कला किस प्रकार एक जटिल वैज्ञानिक समस्या को जन-साधारण तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन सकती है। यह अनुभव न केवल ज्ञानवर्धक, बल्कि इसने हमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी का भी बोध कराया।

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