UP और MP के जिलों में प्रयागराज के गोभी की बढ़ी मांग, एक बीघे में डेढ़ लाख रुपये की आय कर रहे किसान
प्रयागराज के दुल्हेपुर गांव के किसान छोटे भूखंडों पर गोभी की खेती करके उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में इसकी ...और पढ़ें

प्रयागराज में बहरिया ब्लाक के दुल्हेपुर स्थित खेतों में लगी गोभी की फसल। जागरण
HighLights
बहरिया के दुल्हेपुर गांव में किसानों की काश्तकारी छोटी लेकिन हौसले हैं बड़े
अपनी मेहनत और लगन की बदौलत खेती में चार गुना से अधिक करते हैं कमाई
सूर्य प्रकाश तिवारी, प्रयागराज। काश्तकारी भले ही छोटी हो, लेकिन इरादे मजबूत होने चाहिए। किसानों के मजबूत इरादों की बदौलत ही संगमनगरी के दुल्हेपुर गांव का नाम यूपी से लेकर एमपी तक हो गया है। सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दे रही है। जबकि, दुल्हेपुर के अन्नदाताओं ने यह करके दिखा दिया है। दूसरे किसान धान की खेती में रात-दिन मेहनत करके जितना कमाते हैं, उसकी पांच गुना अधिक कीमत की यहां के किसान गोभी बेचते हैं।
बहरिया ब्लाक में गोभी की अच्छी पैदावार
गोभी की खेती ही गंगापार के बहरिया ब्लाक के दुल्हेपुर गांव की पहचान बन गई है। करीब 400 घरों वाले इस गांव में अधिकतर काश्तकार दो से तीन बीघे वाले हैं। दो बीघे के काश्तकार हुबलाल पटेल ने आधे खेत में गोभी लगा रखी है। वह कहते हैं कि धान सिर्फ खाने भर के लिए लगाते हैं। कुछ किसान ऐसे हैं, जो गोभी ही लगाते हैं। गोभी बेचकर मिले पैसों से चावल खरीद लेते हैं।
एक बीघे में 10 हजार लागत
किसान शिवाकांत ने बताया कि एक बीघे धान लगाने में करीब 10 हजार रुपये लागत आती है। उपज बिकती है अधिकतम 30 हजार की। एक बीघे में गोभी लगाते हैं तो लगभग 50 रुपये खर्च होते हैं। 20 हजार पौधे लगाए जाते हैं। इसमें से 15 हजार तैयार हो पाते हैं। मंडी में भाव कितना भी गिरे 10 रुपये प्रति पीस गोभी बिक ही जाती है। इस तरह करीब डेढ़ लाख की कमाई एक बीघे में होती है। प्रयागराज की विभिन्न मंडियों के अलावा सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर की मंडियों तक आपूर्ति होती है। कुछ व्यापारी तो मीरजापुर और रीवां तक आपूर्ति करते हैं।
किसान बोले
करीब डेढ़ बीघे खेत है। इसमें से 10 बिस्वा में धान लगाया है। शेष में गोभी की फसल है। गोभी में अधिक फायदा होता है। गांव के ज्यादातर किसान इसकी खेती करते हैं।
- दूधनाथ पटेल, दुल्हेपुर
धान की अपेक्षा गोभी की खेती कई गुना लाभ देती है। मंडी में फसल पहुंचाने भर की देर रहती है। व्यापारी खुद उसे बेचकर पैसा भेज देते हैं।
- प्रदीप कुमार, दुल्हेपुर
दुल्हेपुर के किसानों की जितनी सराहना की जाए वह कम हैं। इन्हें विभाग की सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। ताकि, वह और लाभ कमा सकें।
- मेवाराम, जिला उद्यान अधिकारी।
