चार दिनों में 110 से 264 के खराब स्तर पर पहुंचा AQI, प्रदूषण से बिगड़ी प्रयागराज शहर की हवा हुई जहरीली
प्रयागराज में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) चार दिनों में 110 से बढ़कर 264 (खराब श्रेणी) पर पहुंच गया है, जिससे ...और पढ़ें

एक्यूआई बढ़ने के कारण प्रयागराज की हवा में पिछले चार दिनों में जहरीली हुई है।
HighLights
हवा की गति धीमी व हल्की धुंध से प्रदूषक कण वातावरण में सतह के आसपास जमा हो रहे
वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिक होने से प्रदूषण का स्तर बढ़ा, लोगों की परेशानी बढ़ सकती है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर की हवा लगातार प्रदूषित होती जा रही है। महज चार दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 110 से बढ़कर 264 तक पहुंच गया है। रविवार सुबह सात बजे दर्ज किया गया 264 का एक्यूआई हवा की बिगड़ती गुणवत्ता की ओर इशारा कर रहा है।
हल्की धुंध से प्रदूषक कण जमा हो रहे
हवा की रफ्तार कम होने और सुबह के समय हल्की धुंध छाने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में सतह के आसपास ही जमा हो रहे हैं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।
प्रदूषकों को बिखरने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा
मौसम में बदलाव के साथ सुबह और शाम के समय वातावरण में ठंड बढ़ने लगी है। इस दौरान हवा की गति कम रहने से प्रदूषकों को बिखरने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। नतीजतन, वाहनों से निकलने वाले धुएं, सड़क की धूल और अन्य स्रोतों से उत्सर्जित प्रदूषक कण वातावरण में बने रह रहे हैं। सुबह के समय हल्की धुंध के साथ इनका असर अधिक महसूस हो सकता है।
एक्यूआई अधिक होने से हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक
वायु गुणवत्ता सूचकांक में चार दिनों के भीतर 154 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। एक्यूआई का 110 से बढ़कर 264 तक पहुंचना बताता है कि इस अवधि में हवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय गिरावट आई है। सामान्य तौर पर एक्यूआई जितना अधिक होता है, हवा में प्रदूषण का स्तर उतना ही ज्यादा माना जाता है।
क्या है एक्यूआई का मानक?
एक्यूआइ 101 से 200 के बीच रहने पर हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में होती है, जबकि 201 से 300 के बीच का स्तर खराब श्रेणी में आता है। इस लिहाज से रविवार सुबह दर्ज किया गया 264 का एक्यूआइ खराब श्रेणी में है। ऐसी स्थिति में विशेष रूप से सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की जरूरत है।
हवा की गति धीमी होने से बढ़ रही परेशानी
मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ हवा की गति कम होना प्रदूषण के बढ़ने की एक प्रमुख वजह बन रहा है। सामान्य परिस्थितियों में हवा चलने से प्रदूषक कण एक स्थान पर जमा नहीं रहते और वातावरण में उनका फैलाव होता है। लेकिन हवा शांत रहने पर धूल और धुएं के कण निचले वायुमंडल में अधिक समय तक बने रह सकते हैं।
न्यूनतम तापमान में गिरावट के आसार
प्रदूषण के बीच मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। न्यूनतम तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि अक्टूबर के अंत तक इसमें लगभग तीन डिग्री की गिरावट आने का अनुमान है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
बारिश होने से हवा की सुधरेगी गुणवत्ता
इस अवधि में बारिश की संभावना भी जताई गई है। यदि बारिश होती है तो वातावरण में मौजूद धूल के कुछ कण नीचे बैठ सकते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता में अस्थायी सुधार संभव है। एक्यूआइ के खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद लोगों को अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहना चाहिए। खासकर अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सुबह के समय बाहर निकलते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।
