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प्रयागराज एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग को सुरक्षा कारणों से सेना की अनुमति नहीं, यात्रियों को अभी नहीं मिल सकेगी सुविधा

By Amarish Kumar Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 25 Sep 2026 03:35 PM (IST)

प्रयागराज एयरपोर्ट पर रात में विमानों के संचालन को भारतीय वायु सेना ने सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दी है, ...और पढ़ें

प्रयागराज एयरपोर्ट।

प्रयागराज एयरपोर्ट।

HighLights

  1. रात में उड़ानों के संचालन को विमान कंपनियों ने प्रस्ताव रखा है

  2. रक्षा व उड्डयन मंत्रालय में समन्वय के बाद मिल सकेगी अनुमति

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रयागराज एयरपोर्ट से रात के समय विमान सेवा शुरू करने की योजना फिलहाल अटक गई है। सुरक्षा कारणों के चलते भारतीय वायु सेना ने रात में व्यावसायिक उड़ानों की लैंडिंग और टेक ऑफ की अनुमति देने से मना कर दिया है। सेना के इस फैसले के बाद शाम और देर रात की उड़ानों का दायरा बढ़ाने की तैयारी को झटका लगा है।

यात्रियों को अभी सुविधा नहीं मिल सकेगी

एयरपोर्ट डायरेक्टर गणेश यादव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि रात के समय विमानों के संचालन के लिए सेना की ओर से अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अनुमति न मिलने के कारण रात में विमान संचालन के सभी प्रस्ताव फिलहाल अधर में लटक गए हैं और यात्रियों को अभी यह सुविधा नहीं मिल सकेगी।

वायुसेना के नियंत्रण में है एयर ट्रैफिक कंट्रोल

तकनीकी रूप से प्रयागराज एयरपोर्ट का रनवे (हवाई पट्टी) और एयर ट्रैफिक कंट्रोल पूरी तरह से भारतीय वायु सेना के नियंत्रण में है। यहां वायु सेना की मध्य कमान का मुख्यालय होने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठान मौजूद हैं। इसलिए अनुमति सेना ही देती है।

पांच प्रमुख शहरों की सीधी उड़ान हो रही संचालित

वर्तमान में प्रयागराज एयरपोर्ट से केवल पांच प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, भुवनेश्वर, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए ही सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं। इंडिगो, अकासा, एलाइंस एयरलाइंस ने रात में अपनी सेवा देने की देने का प्रस्ताव दिया था लेकिन अनुमति न होने के कारण यात्रियों को अब रात की सेवाओं का इंतजार करना होगा।

गतिरोध दूर करने एयरपोर्ट सलाहकार समिति सक्रिय

अब इस गतिरोध को दूर करने के लिए एयरपोर्ट सलाहकार समिति सक्रिय हो गई है। समिति के अध्यक्ष सांसद प्रवीण पटेल ने बताया कि इस मुद्दे को सीधे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के समक्ष उठाने जा रहे है। इसके लिए वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी भेंट करेंगे। प्रयास किया जा रहा है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच उच्च स्तरीय समन्वय बनाकर सुरक्षा चिंताओं का तकनीकी समाधान तलाशा जाए, ताकि भविष्य में नाइट लैंडिंग की राह खुल सके।

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