प्रयागराज के लीडर रोड डिपो में इलेक्ट्रिक बसों का चार्जिंग स्टेशन तैयार, बिजली कनेक्शन मिलते ही दौड़ेंगी बसें
प्रयागराज के लीडर रोड डिपो में इलेक्ट्रिक बसों का चार्जिंग स्टेशन तैयार है। बिजली कनेक्शन मिलते ही बसें दौड़ने लगेंगी। ...और पढ़ें

प्रयागराज के लीडर रोड डिपो में इलेक्ट्रिक बसों का चार्जिंग स्टेशन तैयार हो गया है। जागरण आर्काइव फोटो
HighLights
इंटरसिटी के रूप में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, जोड़ेंगी दो शहर
प्रयागराज से लखनऊ और अयोध्या का सफर होगा आसान
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगम नगरी में पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक परिवहन सेवा का विस्तार होने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राजापुर स्थित लीडर रोड डिपो वर्कशाप में इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बसों के लिए अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन का बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। स्टेशन पर निर्धारित सभी छह आधुनिक फास्ट-चार्जिंग मशीनें सफलतापूर्वक स्थापित कर दी गई हैं।
बिजली मिलते ही बसों की ट्रायल चार्जिंग शुरू होगी
तकनीकी रूप से चार्जिंग यार्ड अब पूरी तरह तैयार है, केवल हाई-टेंशन (एचटी) बिजली आपूर्ति से इसे जोड़ना बाकी है। बिजली कनेक्शन देने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अधिकारियों के अनुसार, अगले एक माह के भीतर ट्रांसफार्मर और लाइन चार्जिंग का काम पूरा कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। बिजली मिलते ही बसों की ट्रायल चार्जिंग शुरू कर दी जाएगी।
33 में से 22 इलेक्ट्रिक बसें आ चुकी हैं
यूपी रोडवेज के प्रयागराज क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि प्रयागराज को कुल 33 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं, जिनमें से 22 बसें डिपो पहुंच चुकी हैं। बेड़े में दो तरह की बसें शामिल हैं-9 मीटर लंबी 35 सीटर और 12 मीटर लंबी 45 सीटर बसें। यात्रियों की सुरक्षा के लिए ये बसें सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम से लैस हैं।
परिवहन निगम कंडक्टर की व्यवस्था करेगा
उन्होंने बताया कि अनुबंध के तहत बसों का तकनीकी रखरखाव, चार्जिंग संचालन और चालक उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निर्माता कंपनी आरजी मोबिलिटी की होगी। टिकट और परिचालक (कंडक्टर) की व्यवस्था उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम संभालेगा।
सबसे पहले कानपुर रूट पर चलेंगी ई-बसें
आरएम रवींद्र कुमार के अनुसार बिजली कनेक्शन मिलते ही बसों का पंजीकरण, आरटीओ फिटनेस जांच और तकनीकी परीक्षण पूरा कर लिया जाएगा। सबसे पहले भारी मांग वाले कानपुर रूट पर इनका संचालन शुरू होगा। इसके बाद शेष 11 बसें आते ही अयोध्या, लखनऊ और अन्य प्रमुख इंटरसिटी रूटों पर भी प्रदूषण मुक्त, वातानुकूलित और शांत सफर की सुविधा यात्रियों को मिलने लगेगी।
