प्रयागराज एयरपोर्ट पर जल्द शुरू होगा कार्गो टर्मिनल: किसानों और कारोबारियों को लाभ, मिलेगा बड़ा बाजार
प्रयागराज एयरपोर्ट पर कार्गो टर्मिनल जल्द शुरू होगा, जिसका प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है। इससे किसानों और व्यापारियों को ...और पढ़ें

प्रयागराज एयरपोर्ट पर कार्गो टर्मिनल की तैयारी है। जागरण
HighLights
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव
संगम नगरी के आर्थिक और व्यापारिक विकास को मिलेगी गति
अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। संगम नगरी के आर्थिक और व्यापारिक विकास को अब पंख लगने वाले हैं। प्रयागराज एयरपोर्ट पर बहुप्रतीक्षित एयर कार्गो टर्मिनल शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इसका पूरा प्रस्ताव तैयार कर नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेज दिया है। मंत्रालय से हरी झंडी और औपचारिक मंजूरी मिलते ही बुनियादी तकनीकी ढांचे को विकसित करने का काम शुरू हो जाएगा।
अत्याधुनिक नई बिल्डिंग यात्रियों के लिए खुलेगी
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि वर्तमान में जिस पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग का उपयोग यात्रियों के आवागमन के लिए हो रहा है, उसे ही आधुनिक कार्गो टर्मिनल के रूप में तब्दील किया जाएगा। वहीं, महाकुंभ के दौरान पुरानी बिल्डिंग का तीन गुना विस्तार कर तैयार की गई अत्याधुनिक नई बिल्डिंग को यात्रियों के आवागमन के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
पुरानी बिल्डिंग के इस्तेमाल से दोहरा फायदा
जमीन और लागत की बचत
पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग को कार्गो कॉम्प्लेक्स में बदलने से समय और संसाधन दोनों की भारी बचत होगी। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार इसके दो बड़े फायदे हैं।
लागत और समय की भारी बचत
कार्गो के लिए अलग से कोई नया ढांचा या भारी-भरकम सिविल कंस्ट्रक्शन नहीं करना पड़ेगा। इससे सरकारी बजट की बचत होगी और काम भी तेजी से पूरा हो सकेगा।
जमीन तलाशने की जरूरत खत्म
नए टर्मिनल के लिए अलग से जमीन अधिग्रहण या तलाश की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। पुरानी बिल्डिंग में पहले से मौजूद रनवे कनेक्टिविटी, अप्रोच रोड, पार्किंग और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्गो संचालन के लिए सटीक उपयोग हो सकेगा।
कार्गो टर्मिनल का प्रस्ताव भेजा गया
एयरपोर्ट डायरेक्टर गणेश यादव ने बताया कि प्रयागराज एयरपोर्ट पर कार्गो टर्मिनल शुरू करने का विस्तृत प्रस्ताव मंत्रालय को भेज दिया गया है। जैसे ही वहां से आवश्यक स्वीकृतियां और सुरक्षा मानकों की मंजूरी मिलेगी, उसी अनुरूप तकनीकी बदलाव कर कार्गो संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
कार्गो की दरकार बहुत पहले थी
प्रयागराज और भारतीय विमानन का नाता ऐतिहासिक है। 18 फरवरी 1911 को दुनिया की पहली आधिकारिक एयरमेल उड़ान प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) से नैनी के बीच ही भरी गई थी, जब हेनरी पेक्वेट ने विमान से लगभग 6,500 डाक पत्र पहुंचाए थे। जिस धरती ने देश और दुनिया को विमान से माल और चिट्ठी भेजने का पहला रास्ता दिखाया, वहां पूर्णकालिक एयर कार्गो सुविधा बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। देर से ही सही, अब इस प्रस्ताव के आगे बढ़ने से शहर के इस ऐतिहासिक गौरव को आधुनिक लॉजिस्टिक्स के रूप में नया जीवन मिलने जा रहा है।
प्रयागराज में क्यों जरूरी है कार्गो सुविधा?
प्रयागराज केवल धार्मिक और प्रशासनिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के बीच एक प्रमुख व्यापारिक जंक्शन भी है। वर्तमान में स्थानीय व्यापारियों और किसानों को अपना माल हवाई मार्ग से बाहर भेजने के लिए वाराणसी या लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे सड़क परिवहन में 3 से 6 घंटे का अतिरिक्त समय और माल ढुलाई का खर्च बढ़ जाता है। प्रयागराज में ही स्थानीय कार्गो हब बनने से समय, ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत में सीधी कमी आएगी।
कार्गो टर्मिनल शुरू करने के लिए ये आवश्यक
पुरानी यात्री बिल्डिंग को कार्गो टर्मिनल में तब्दील करने के लिए नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के मानकों के तहत कई तकनीकी व बुनियादी बदलाव करने होंगे।
एक्स-रे बीआईएस मशीनें (कार्गो स्कैनर): बड़े पार्सल और पैलेट्स की जांच के लिए उच्च क्षमता वाले औद्योगिक एक्स-रे स्कैनर।
कोल्ड स्टोरेज और डीप फ्रीजर: फल, सब्जियां, फूल और जीवन रक्षक दवाओं (फार्मास्यूटिकल्स) के तापमान नियंत्रण के लिए आधुनिक वातानुकूलित कोल्ड चेन।
मजबूत सुरक्षा घेरा और निगरानी: पूरे परिसर में 24x7 हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कवरेज, एक्सेस कंट्रोल सिस्टम और समर्पित सुरक्षा बल।
हैंडलिंग इक्विपमेंट: भारी वजन को उठाने और विमान तक पहुंचाने के लिए फोर्कलिफ्ट, हाइड्रोलिक ट्रॉली, रोलर कन्वेयर और वेइंग ब्रिज (इलेक्ट्रॉनिक तराजू)।
डेंजरस गुड्स रेगुलेशन (DGR) सेल: ज्वलनशील, रासायनिक या विशेष प्रकृति के सामान की सुरक्षित जांच व हैंडलिंग के लिए प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ।
कस्टम्स व क्लीयरेंस डेस्क: घरेलू लॉजिस्टिक्स के साथ-साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों या ट्रांजिट कार्गो के लिए क्लीयरेंस और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम।
किसानों, कारोबारियों और आम जनता को मिलेगा लाभ
कार्गो टर्मिनल का सीधा सकारात्मक असर प्रयागराज और आसपास के जिलों (कौशांबी, प्रतापगढ़, भदोही, रीवा आदि) की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
किसानों को देशव्यापी बाजार: कौशांबी और प्रयागराज का प्रसिद्ध सुरखा अमरूद, प्रतापगढ़ का आंवला और स्थानीय हरी सब्जियां कुछ ही घंटों में मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली जैसे महानगरों तक पहुंच सकेंगी। जल्द खराब होने वाली फसलों की बर्बादी रुकेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे।
स्थानीय उद्योगों (ODOP) को रफ्तार: भदोही के कालीन, स्थानीय हैंडीक्राफ्ट, फूड प्रोसेसिंग उत्पाद और मुद्रण सामग्री की देश के प्रमुख बाजारों में तत्काल आपूर्ति संभव होगी।
ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स में तेजी: ऑनलाइन खरीदारी करने वाले आम नागरिकों को अगले ही दिन डिलीवरी (नेक्स्ट-डे डिलीवरी) की सुविधा आसानी से मिल सकेगी। स्थानीय कूरियर और पार्सल सेवा की गति बढ़ेगी।
दवा उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र को संजीवनी: जीवन रक्षक दवाएं, टीके (वैक्सीन) और आपातकालीन मेडिकल सैंपल्स बिना किसी देरी के सुरक्षित तापमान में महानगरों तक भेजे जा सकेंगे।
रोजगार के नए अवसर: वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में स्थानीय युवाओं के लिए सैकड़ों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।प्रयागराज एयरपोर्ट का यह कदम न केवल महाकुंभ की भव्य अधोसंरचना का दीर्घकालिक उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य को नई गति भी देगा।
