प्रयागराज में अत्याधुनिक निजी ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट सेंटर शुरू, मैनुअल टेस्ट व्यवस्था बंद; 200 रुपये फीस बढ़ेगी
प्रयागराज में 24 सितंबर से नैनी स्थित परिवहन कार्यालय में अत्याधुनिक निजी ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट सेंटर शुरू हो गया है, जिससे मैनुअल टेस्ट व्यवस्था समाप्त हो गई है।

प्रयागराज के नैनी में बनाया गया कार का ट्रैक। सौजन्य : विभाग
HighLights
पहले दिन 21 लोगों ने अत्याधुनिक ट्रैक पर चलाया वाहन, 11 उत्तीर्ण
आवेदक खुद का वाहन ले जाएंगे, फेल होने पर 1 सप्ताह बाद फिर आवेदन
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जिले में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया 24 सितंबर से हाईटेक हो गई है। नैनी स्थित परिवहन कार्यालय में अत्याधुनिक निजी ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट सेंटर में कामकाज शुरू हो गया है। इससे मैनुअल टेस्ट की व्यवस्था अब पूरी तरह बंद हो गई है।
लाइसेंस बनवाने की फीस महंगी हो सकती है
हालांकि स्थायी लाइसेंस बनाने की फीस 1000 से 1200 रुपये होने की बात कही जा रही है, लेकिन गुरुवार को 1000 रुपये ही फीस कटी। वहीं, पहले दिन 21 आवेदकों ने टेस्ट दिया, जिसमें 11 ने सफलतापूर्वक अत्याधुनिक ट्रैक पर वाहन चलाते हुए परीक्षा पास की।
नैनी के परिवहन कार्यालय में डीएम संबंधी कार्य
नैनी स्थित परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस, लाइसेंस का नवीनीकरण संबंधित कार्य किए जाते हैं। लंबे समय से यहां अत्याधुनिक निजी ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट बनाए जाने की बात कही जा रही थी। इसके लिए यहां कार्य भी काफी समय से चल रहा था। पिछले दिनों निजी कंपनी के अधिकारियों ने यहां का निरीक्षण किया। इसके बाद 24 सितंबर से इसे संचालित कर दिया गया। नए सिस्टम के तहत आवेदक की ड्राइविंग दक्षता को दो चरणों में परखा जाएगा।
चालक को एलईडी स्क्रीन के समक्ष संभालेंगे स्टीयरिंग
पहले चरण में चालक को सिम्युलेटर मशीन की एलईडी स्क्रीन के सामने बैठकर वर्चुअल परिस्थितियों में स्टीयरिंग संभालनी होगी। इसमें आपातकालीन ब्रेक, ट्रैफिक सिग्नल व विपरीत परिस्थितियों में वाहन नियंत्रण की जांच होगी।
सेंसरों से लैस वास्तविक ट्रैक पर वाहन चलाना होगा
दूसरे चरण में आवेदक को सीसीटीवी कैमरों और अत्याधुनिक सेंसरों से लैस वास्तविक ट्रैक पर वाहन चलाना होगा। इसके लिए छह-सात मिनट लगेगा। टेस्ट के लिए आवेदकों को खुद का वाहन ले जाना होगा। इस दौरान कोई गलती हुई तो साफ्टवेयर स्वतः ही आवेदक को फेल कर देगा। असफल होने वाले आवेदक सप्ताह भर बाद दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
ट्रैक पर पास होने वाले चालकों को ही मिलेगा लाइसेंस
एआरटीओ प्रशासन विजय प्रकाश ने बताया कि ट्रैक पर शत-प्रतिशत खरा उतरने वाले चालकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। आरआइ पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि गुरुवार को स्थायी लाइसेंस के लिए 1000 रुपये ही फीस कटी थी। 200 रुपये बढ़ने की संभावना है।
