कार और बाइक वाले भी ले रहे गरीबों का राशन, प्रयागराज में सवा लाख राशन कार्ड निरस्त होंगे
प्रयागराज में करीब सवा लाख अपात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड रद किए जाएंगे, जो कार-बाइक मालिक या आयकर दाता होते ...और पढ़ें

प्रयागराज में करीब सवा लाख अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त होंगे।
HighLights
संदिग्ध लाभार्थियों के सत्यापन का कार्य पूरा, अब कार्ड निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू
जिन अपात्रों की पहचान हो चुकी है, उनके कार्ड निरस्त कर शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
ज्ञानेन्द्र सिंह, प्रयागराज। लाखों की जमीन खरीदी, स्कूटी-बाइक से फर्राटा भर रहे, आयकर रिटर्न दाखिल कर रहे, बैंक बैलेंस बढ़ रहा फिर भी गरीबों को आवंटित होने वाला मुफ्त राशन ले रहे हैं। ऐसे अपात्र लाभार्थियों की की-परफार्मेंस इंडिकेटर (केपीआई) से पहचान होने के बाद संदिग्ध राशनकार्ड धारकों का सत्यापन किया गया। इसके बाद जिले के लगभग सवा लाख अपात्रों के राशनकार्ड निरस्त किए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान हुई
राशन कार्ड निरस्त होने के बाद उन गरीबों को मौका मिलेग, जो पात्र हैं। भारत सरकार के इंटर मिनिस्टीरियल डेटा फार राइटफुल टारगेटिंग के तहत 18 की-परमार्मेंस इंडीकेटर (केपीआइ) के आधार पर संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान की गई है।
खास-खास
- 18 की-परफार्मेंस इंडीकेटर (केपीआइ) से जनपद में पकड़े गए संदिग्ध लाभार्थी
- 10.4 लाख राशन कार्डधारक हैं जनपद में, 88 हजार अंत्योदय कार्डों पर वितरित होता है खाद्यान्न।
प्रदेश भर में अभियान, मिले अपात्र
उत्तर प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी बनाने और पात्र परिवारों तक राशन का लाभ मुहैय्या कराने के लिए बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। इसी क्रम में राज्यभर में ऐसे राशन कार्डधारकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जो जांच में अपात्र पाए गए हैं।
राशन कार्ड निरस्त करने का निर्देश
खाद्य एवं रसद विभाग के निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को ऐसे लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के लिए कहा गया है। विभाग ने निर्देश दिया है कि जिन अपात्र लाभार्थियों की पहचान हो चुकी है, उनके राशन कार्ड निर्धारित समय सीमा के भीतर निरस्त कर कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।
1.23 लाख अपात्र लाभार्थियों का निरस्त होगा कार्ड
सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आए जो राशन योजना की पात्रता के मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें से अधिकांश राशन कार्ड पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि करीब 1.23 लाख अपात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया अभी शेष है।
जरूरतमंद और गरीब परिवारों को मिले लाभ
खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि शेष मामलों का सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूरी की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक ही पहुंचे। शासन का उद्देश्य है कि अपात्र लोगों को सूची से हटाकर जरूरतमंद और गरीब परिवारों को उनका पूरा अधिकार मिल सके।
ऐसे पकड़े गए संदिग्ध
संयुक्त निदेशक खाद्य एवं रसद एसके सिंह ने बताया कि की-परफार्मेंस इंडिकेटर के जरिए संदिग्ध लाभार्थी होने की आशंका जताई थी। प्रत्येक लाभार्थी का डेटा आधार नंबर से जुड़ा है। जैसे ही बाइक, कार अथवा जमीन खरीद-फरोख्त किया तो इसकी जानकारी आधार व पैन के माध्यम से हो गई और फिर उन्हें संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया, जिसके बाद सत्यापन कराया गया।
