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प्रतापगढ़ कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश, नाबालिग से दुष्कर्म और धमकी के दोषी को 20 साल कारावास की सजा सुनाई

By rajan shukla Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 31 Oct 2026 08:59 PM (IST)

प्रतापगढ़ कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और धमकी देने के दोषी बाल अपचारी को 20 साल कारावास व 52,000 रुपये ...और पढ़ें

अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम, प्रतापगढ़ ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले के आरोपित के खिलाफ सजा सुनाई।

अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम, प्रतापगढ़ ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले के आरोपित के खिलाफ सजा सुनाई। 

HighLights

  1. हमीरपुर के बाल अपचारी को 52,000 रुपये अर्थदंड भी देने का कोर्ट ने दिया आदेश

  2. कोर्ट ने कहा- महिलाओं-बच्चों पर होने वाले अपराधों में ज्यादा सख्त मापदंड अपनाए जाएं

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दोषी पाते हुऐ हमीरपुर के बाल अपचारी को 20 वर्ष के कारावास तथा 52000 के अर्थदंड से कोर्ट ने दंडित किया है। यह फैसला शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम आतिफ शमीम ने सुनाया।

प्रतापगढ़ जिले में जेठवारा के एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले व्यक्ति के अनुसार उसकी 12 साल की बेटी के साथ आठ मई 2022 को झुग्गी से बाहर ले जाकर आरोपित ने दुष्कर्म किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच की। लड़की ने बयान दिया कि आरोपित किशोर ने रात करीब 1:30 पर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध स्थापित किया। पीड़िता ने जब गुहार लगाई तो आवाज सुनकर वादी मौके पर पहुंचा। इस पर बाल अपचारी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला। आरोपित भी उसी भट्ठे पर काम करता था।

इस केस में अभियोजन की ओर से परैवी विशेष लोक अभियोजक देवेश चंद्र त्रिपाठी व अशोक त्रिपाठी ने की। इन्हाेंने सात गवाहों के माध्यम से 13 दस्तावेजी साक्ष्यों को साबित कराया। कोर्ट ने कहा कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को चिकित्सीय एवं मानसिक आघात की पूर्ति तथा उसके पुनर्वास के लिए नियमानुसार प्रदान की जाएगी।

केस का फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने अपने आदेश में विशेष टिप्पणी भी की। कहा कि आपराधिक मामलों में सजा दिए जाने की नीति के उद्देश्य के अंतर्गत यह देखना चाहिए कि किसी भी अपराध के लिए सजा दी जाए। उस आधार पर पीड़ित व्यक्ति एवं समाज को इस बात की संतुष्टि होनी चाहिए कि पर्याप्त सजा दी गई है। विशेष तौर पर महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में ज्यादा सख्त मापदंड अपनाए जाएं।

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