किस अधिकार से दिया किरायेदार की बेदखली का आदेश? इलाहाबाद HC ने प्रयागराज के DM और ACM से पूछा सवाल
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के DM और ACM से किरायेदार की बेदखली के आदेश पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने ...और पढ़ें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय।
HighLights
खंडपीठ ने मोहम्मद इरफान व अन्य की याचिका पर यह सवाल किया है
हाई कोर्ट ने ने प्रथम दृष्टया इस आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर माना
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रयागराज के अपर नगर मजिस्ट्रेट (तृतीय) द्वारा किरायेदार को बेदखल करने के आदेश पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने जिलाधिकारी और अपर नगर मजिस्ट्रेट (तृतीय) से पूछा है कि किस कानूनी अधिकार के तहत यह आदेश पारित किया गया। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने मोहम्मद इरफान व अन्य की याचिका पर यह सवाल किया है।
अदालत ने आदेश में कहा है कि दोनों अधिकारियों को हलफनामे में बताना होगा कि कानून में शक्ति न होने के बावजूद, मकान मालिक के इस सादे प्रार्थना-पत्र पर कि वह किरायेदार को हटवाना चाहता है, बेदखली का आदेश किस अधिकार से दिया गया। याचिका के अनुसार 15 जुलाई 2024 के आदेश के क्रियान्वयन में याचियों को 15 दिसंबर 2025 को बेदखल किया गया था।
अदालत ने प्रथम दृष्टया इस आदेश को अधिकार-क्षेत्र से बाहर माना। अधिकारियों को यह भी बताना होगा कि याचियों को तत्काल कब्जे में क्यों न बहाल किया जाए। यह बहाली कानून के अनुसार किरायेदार के विरुद्ध कार्यवाही करने के अधिकार के अधीन होगी। अदालत ने कहा कि प्रतिवादी संख्या 7, 8, 9 और 10 भी दो नवंबर 2026 तक हलफनामा दाखिल कर सकते हैं। इसी दिन मामले में फिर सुनवाई होगी।