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'लखनऊ से यूक्रेन सड़क मार्ग से कैसे जाएंगे?'... देखें PCS-2025 के इंटरव्यू में अभ्यर्थियों से पूछे गए कैसे सवाल

Published: Wed, 07 Oct 2026 08:23 PM (IST)

यूपीपीएससी पीसीएस-2025 के साक्षात्कार में अभ्यर्थियों से व्यक्तित्व, प्रशासनिक दृष्टिकोण और समसामयिक घटनाओं पर आधारित गहन प्रश्न पूछे जा रहे हैं।

लोक सेवा आयोग में पीसीएस का साक्षात्कार देने के दौरान अभ्यर्थी

लोक सेवा आयोग में पीसीएस का साक्षात्कार देने के दौरान अभ्यर्थी

HighLights

  1. व्यक्तित्व, प्रशासनिक दृष्टिकोण, समसामयिक घटनाओं पर प्रश्न पूछे गए।

  2. लखनऊ से यूक्रेन सड़क मार्ग, नौकरशाही सिद्धांत पर सवाल।

  3. कार्यपालिका-न्यायिक मजिस्ट्रेट अंतर, प्रभावी अधिकारी के गुण भी पूछे गए।

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यूपीपीएससी में चल रहे पीसीएस-2025 के साक्षात्कार में अभ्यर्थियों से व्यक्तित्व, प्रशासनिक दृष्टिकोण, समसामयिक घटनाओं की समझ, नैतिकता और परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता को परखने वाले प्रश्न पूछे जा रहे हैं।

एक अभ्यर्थी से एक दिलचस्प सवाल पूछा गया कि लखनऊ से यूक्रेन सड़क मार्ग से कैसे जाएंगे? इसके साथ यूक्रेन की नदियों के बारे में भी पूछा गया। इसके अलावा पानामिक, श्योक नदी और बाल्टिस्तान क्षेत्र, तुर्तुक के सामरिक महत्व तथा सियाचिन से जुड़े अनुभवों पर प्रश्न हुए।

एक अभ्यर्थी से मैक्स वेबर से लेकर नौकरशाही तक राजनीति विज्ञान से जुड़े अभ्यर्थी से नीतियां क्यों विफल होती हैं, ब्यूरोक्रेट कौन होता है और नौकरशाही को नकारात्मक अर्थ में क्यों लिया जाता है? जैसे सवाल पूछे गए। मैक्स वेबर के नौकरशाही सिद्धांत और उसकी पदानुक्रमिक संरचना पर भी प्रश्न हुआ।

कार्यपालिका मजिस्ट्रेट और न्यायिक मजिस्ट्रेट में क्या है अंतर?

इसी क्रम में पूछा गया कि केवल सरकारी विभागों या लोक सेवकों को ही ब्यूरोक्रेट क्यों कहा जाता है? अभ्यर्थी से नौकरशाही की अवधारणा और समाज में उसकी छवि के कारणों पर विचार मांगा गया। ''कानून व्यवस्था'' से लेकर मजिस्ट्रेट तक प्रशासनिक सेवा के लिहाज से महत्वपूर्ण विषयों पर भी सवाल हुए।

एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि लॉ और ऑर्डर क्या अलग-अलग इस्तेमाल किए जा सकते हैं, दोनों का अर्थ क्या है और कौन-सा कैडर कानून-व्यवस्था बनाए रखता है? इसके अलावा कार्यपालिका मजिस्ट्रेट और न्यायिक मजिस्ट्रेट में अंतर भी पूछा गया।

'स्मार्ट ऑफिसर' किसे कहा जा सकता है, अधिकारी के लक्ष्य क्या होने चाहिए और प्रशासन में प्रभावी अधिकारी की विशेषताएं क्या होनी चाहिए जैसे सवालों से अभ्यर्थी की प्रशासनिक सोच को परखने की कोशिश हुई। 'अनफर्लिंग' और ''होस्टिंग'' का अंतर साक्षात्कार में सामान्य लगने वाले शब्दों के प्रशासनिक और औपचारिक अर्थ भी पूछे गए।

एक अभ्यर्थी से अप साइकिलिंग और मेटलर्जी के बीच संबंध, ड्रॉपआउट दर कम करने के उपाय, शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे विषयों पर प्रश्न हुए। एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि यदि किसी परिस्थिति में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बज रहा हो और उससे गुस्सा आए तो अधिकारी के रूप में वह अपने क्रोध को कैसे नियंत्रित करेंगी?

एक अभ्यर्थी ने विपश्यना ध्यान साधना के बारे में बताया तो बोर्ड ने पूछा कि आपने अपने आपको मोक्ष प्राप्ति के करीब पहुंचा लिया है तो फिर प्रशासनिक सेवा में आकर क्या करेंगी? आदि प्रश्न हुए। एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि एक प्रशासक में कौन-सा गुण अधिक महत्वपूर्ण है?

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