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Pappu Yadav के खिलाफ प्रयागराज ACJM कोर्ट में गवाह का बयान दर्ज, सांसद पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 25 Aug 2026 02:24 PM (IST)

प्रयागराज की एसीजेएम अदालत में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में गवाह का बयान ...और पढ़ें

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव। जागरण आर्काइव

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. अधिवक्ता एवं भाजपा के प्रदेश सह संयोजक विधिक विभाग ने परिवाद दाखिल किया है

  2. श्रीराम मंदिर में दानराशि चोरी की घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने प्रदर्शन किया था

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव Pappu Yadav के खिलाफ प्रयागराज की एसीजेएम (कक्ष संख्या-10) की अदालत में दाखिल परिवाद में मंगलवार को गवाह सुनील कुमार वर्मा का बयान दर्ज किया गया है। परिवाद अधिवक्ता एवं भाजपा के प्रदेश सह संयोजक विधिक विभाग सुशील कुमार मिश्रा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल किया था।

सांसद ने नकली दानपात्र रखकर प्रदर्शन किया था

परिवाद में सांसद पप्पू यादव पर धार्मिक भावनाएं आहत करने, विद्वेष फैलाने, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई है। परिवाद में कहा गया है कि हाल में अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में दानराशि चोरी की घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने संसद भवन के सामने साधु-संतों एवं पुजारियों की वेशभूषा धारण कर गले में तख्ती लगाकर तथा नकली दानपात्र रखकर प्रदर्शन किया।

समाज में विद्वेष फैलाने के प्रयास का आरोप 

परिवादी का आरोप है कि इस कृत्य से साधु-संतों, पुजारियों और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुईं तथा समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया गया। परिवाद में यह भी कहा गया है कि उक्त प्रदर्शन का प्रसारण विभिन्न टीवी चैनलों, सोशल मीडिया तथा समाचार पत्रों में हुआ, जिसे परिवादी ने अपने प्रयागराज स्थित कार्यालय में देखा।

मामले की अगली सुनवाई तीन सितंबर को

भाजपा के प्रदेश सह संयोजक विधिक विभाग सुशील कुमार मिश्रा परिवादी का दावा है कि घटना के संबंध में 31 जुलाई 2026 को थाना सिविल लाइंस के प्रभारी निरीक्षक से शिकायत की गई थी। इसके बाद तीन अगस्त 2026 को थाना प्रभारी सिविल लाइंस और पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज को भी रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते परिवादी ने न्यायालय की शरण लेते हुए एसीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया था। अब अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने तीन सितंबर की तिथि नियत किया है।

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