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फर्जी नियुक्ति में बिशप मारिस एडगर सहित पांच के खिलाफ FIR, कूटरचित अभिलेख बनाकर किया गया फर्जीवाड़ा

By tara chand Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 25 Aug 2026 12:31 PM (IST)

प्रयागराज में बिशप मारिस एडगर दान सहित पांच लोगों के खिलाफ फर्जी नियुक्ति और कूटरचित अभिलेख बनाने के आरोप में ...और पढ़ें

फर्जी नियुक्ति में बिशप मारिस एडगर सहित पांच पर प्रयागराज में FIR गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य ने दर्ज कराई है।

फर्जी नियुक्ति में बिशप मारिस एडगर सहित पांच पर प्रयागराज में FIR गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य ने दर्ज कराई है।

HighLights

  1. कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज जनपद की कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया

  2. हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद फर्जी नियुक्ति की गई

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन होने, सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स के आदेश के बावजूद कूटरचित अभिलेख तैयार करके फर्जी नियुक्ति के आरोप में बिशप मारिस एडगर दान समेत पांच के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।

इन पर दर्ज हुई एफआईआर 

बिशप के साथ ही दिल्ली निवासी चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के माडरेटर रेवरेंट परितोष कैनिंग, गोरखपुर के प्रबंध समिति सदस्य रोशन लाल, रैना निवेदिता सैमुअल और एक अज्ञात के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया है। एफआईआर गोरखपुर स्थित सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रोफेसर एस. डोमिनिक राजकुमार की तहरीर पर लिखी गई है।

क्या है आरोप?

कार्यवाहक प्राचार्य का कहना है कि सेंट एंड्रयूज कॉलेज एसोसिएशन की ओर से सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज का संचालन किया जाता है। इसका पंजीयन सहायक रजिस्ट्रार फर्म सोसाइटी एवं चिट्स, गोरखपुर में पंजीकृत है। नियमानुसार प्रबंध समिति ही कालेज के प्राचार्य को नियुक्त, निलंबन और बर्खास्त करने का निर्णय ले सकती है। सोसायटी की प्रबंध समिति का विवाद हाई कोर्ट में विचाराधीन है।

कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त करने का अवैध पत्र बनवाया

बताया कि विवाद के कारण फर्म्स सोसाइटीज की ओर से बिशप मारिस एडगर दान को निर्देश दिया गया है कि बिना हाई कोर्ट के निर्णय के प्रबंध समिति की बैठक करके कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। आरोप है कि कानूनी प्रावधानों, आदेश का उल्लंघन करते हुए मोस्ट रेवरेंट परितोष कैनिंग की शह पर बिशप ने प्रबंध समिति के सदस्य रेव. राेशन लाल, रैना सैमुअल की मिलीभगत और साजिश के तहत साइबर कैफे से कूटरचित प्रपत्र तैयार किया गया। फिर उसी के तहत रैना सैमुअल को कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त करने का अवैध पत्र बनवाया।

दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाने का भी आरोप 

प्रबंध समिति के सदस्यों पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाए। इसकी जानकारी डायसिस आफ लखनऊ के सचिव रेव. प्रवीण मेसी को हुई तो उन्होंने बिशप को पत्र लिखकर अपने हस्ताक्षर वापस ले लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र को रद करने की मांग की।

फंसाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए

यह भी आरोप लगाया कि विपक्षियों ने उन्हें फंसाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। पहले भी कई लोगों को झूठे मुकदमे में फंसा चुके हैं। विपक्षी पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध रूप से लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया, जिससे कॉलेज का वातावरण खराब हो रहा है। छात्रों के भविष्य से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। थाना प्रभारी कैंट अमरनाथ राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

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