विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कालिंदी समेत 6 ट्रेनों में हर समय यात्रियों को मिलेगी हाउस कीपिंग सुविधा, रेलवे ने बदली सफाई व बेडरोल व्यवस्था

By Amarish Kumar Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 22 Oct 2026 08:05 PM (GMT+05:30)

उत्तर मध्य रेलवे ने ट्रेनों में यात्रियों को गंदे कोच और बदबूदार शौचालयों से राहत देने के लिए नई हाउसकीपिंग ...और पढ़ें

NCR के प्रयागराज मंडल ट्रेनों में हाउसकीपिंग और लिनन की व्यवस्था बेहतर करेगा। (Image Source: AI-Generated)

NCR के प्रयागराज मंडल ट्रेनों में हाउसकीपिंग और लिनन की व्यवस्था बेहतर करेगा। (Image Source: AI-Generated) 

HighLights

  1. ट्रेनों में गंदे कोच, बदबूदार शौचालय, चादर-कंबल की परेशानी से यात्रियों को मिलेगी राहत 

  2. यात्री जैसे ही 'रेल मदद' एप या आन-ड्यूटी स्टाफ से कहेंगे, तत्काल सफाई कर दी जाएगी

  3. 45.62 करोड़ से 730 दिन के लिए एनसीआर ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया, यात्रियों को राहत

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। ट्रेनों में यात्रा के दौरान गंदे कोच, बदबूदार शौचालय और देर से मिलने वाली चादर-कंबल की परेशानी झेलने वाले यात्रियों की समस्या हमेशा के लिए खत्म होगी। ट्रेन में आनबोर्ड हाउस कीपिंग जैसी व्यवस्था मिलेगी। ट्रेन शुरू होने से लेकर अंतिम स्टेशन पहुंचने तक प्रशिक्षित सफाई दस्ता ट्रेन के भीतर ही पूरी यात्रा के दौरान तैनात रहेगा।

तत्काल सफाई कर दी जाएगी

हर दो घंटे पर शौचालयों की धुलाई और कीटाणुशोधन होगा। कोच में गंदगी होने पर यात्री जैसे ही 'रेल मदद' एप या आन-ड्यूटी स्टाफ से कहेंगे, तत्काल सफाई कर दी जाएगी। एसी बोगियों में यात्रियों को अपनी सीट पर बैठते ही पूरी तरह साफ, सैनिटाइज्ड और सीलबंद चादर, तकिया, तौलिया व कंबल का सेट मुहैया कराया जाएगा।

प्रयागराज मंडल की इन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा 

उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए 45.62 करोड़ रुपये की लागत से दो वर्ष (730 दिन) के लिए स्पेशल लिमिटेड टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। प्रथम चरण में कालिंदी एक्सप्रेस, डॉ. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस, सूबेदारगंज-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस, प्रयागराज-लालगढ़ एक्सप्रेस और सूबेदारगंज-देहरादून/कोटद्वार लिंक एक्सप्रेस को शामिल किया गया है।

यात्रियों को बदबू, गंदगी में करना पड़ता था सफर

अब तक ट्रेनों में कोच की सफाई और वातानुकूलित (एसी) बोगियों में लिनेन यानी चादर-कंबल बांटने का जिम्मा अलग-अलग स्तर पर बंटा रहता था। सफाई कर्मी सिर्फ कुछ चुनिंदा बड़े स्टेशनों पर ही चढ़ते थे और महज औपचारिकता निभाकर उतर जाते थे। यदि बीच रास्ते में सीट, गलियारा या शौचालय गंदा हो जाता, तो यात्रियों को अगला बड़ा स्टेशन आने तक बदबू और गंदगी में ही सफर काटना पड़ता था।

कोई जिम्मेदार ट्रेन में मौजूद नहीं रहता था 

वहीं एसी कोचों में बेडरोल मिलने में देरी या गंदे पैकेट मिलने की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करने वाला कोई जिम्मेदार ट्रेन में मौजूद नहीं रहता था। अब आन-बोर्ड हाउसकीपिंग (ओबीएचएस) और लिनेन वितरण को एक साथ जोड़कर पूरी तरह अपग्रेड कर दिया गया है। सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि 10 नवंबर तक निविदाएं जमा की जा सकेंगी। टेंडर आवंटन के साथ यह नई व्यवस्था क्रियान्वित हो जाएगी।

यह भी पढ़ें- पूजा स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन: खुर्दा रोड से प्रयागराज के लिए 'वन वे' विशेष ट्रेन सुविधा, यात्रियों को राहत

यह भी पढ़ें- रेलवे में आइसोलेटेड कैटेगरी के 195 पदों पर होगी भर्ती, पांच नवंबर से ऑनलाइन आवेदन करें अभ्यर्थी