एमपी की केन, बेतवा व टोंस नदियों में उफान से यमुना का जलस्तर बढ़ा, गंगा में भी बाढ़ की आशंका
मध्य प्रदेश की केन, बेतवा और टोंस नदियों में भारी वर्षा के कारण जलस्तर बढ़ गया है, जिससे यमुना नदी में भी उफान आ गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
मध्य प्रदेश की केन, बेतवा, टोंस नदियों में जलस्तर बढ़ा।
केन नदी में 5.5 मीटर, टोंस में सवा दो मीटर की वृद्धि।
प्रयागराज में गंगा, यमुना के जलस्तर में वृद्धि की आशंका।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पिछले तीन दिनों से हो रही वर्षा से मध्य प्रदेश की नदियों में नदियों में उफान आ गया है। केन नदी में सबसे ज्यादा जल स्तर बढ़ा है। बेतवा और टोंस नदी में भी बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है।
केन नदी में शनिवार सुबह आठ बजे से लेकर रविवार रात 10 बजे तक 40 सेंटीमीटर प्रति घंटा की औसत वृद्धिदर से कुल साढ़े पांच मीटर की वृद्धि दर्ज हुई है। इसके प्रभाव में बांदा जिले में यमुना नदी में लगभग सात सेंटीमीटर प्रति घंटा की औसत वृद्धि दर से एक मीटर के करीब की वृद्धि हुई।
शनिवार को मौदहा बांध से 49 हजार क्यूसेक, लहचुरा बांध से 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के फल स्वरुप हमीरपुर में बेतवा नदी में लगभग सवा लाख क्यूसेक डिस्चार्ज छोड़ा गया है। इसकी वजह से हमीरपुर में यमुना के जलस्तर में रात आठ बजे तक 3.5 सेंटीमीटर प्रति घंटा की वृद्धि दर से 20 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।
दूसरी ओर गंगा की सहायक टोंस नदी में कोहड़ार घाट पर शुक्रवार रात से शनिवार रात बजे तक नौ सेंटीमीटर प्रतिघंटा की औसत वृद्धि दर से कुल सवा दो मीटर की वृद्धि हुई है। इन नदियों के जलस्तर में वृद्धि के चलते जनपद में गंगा लगभग डेढ़ मीटर और यमुना लगभग दो मीटर बढ़ सकती हैं।
