यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mahakumbh 2025: शाही अंदाज में पकवान परोसेंगे स्ट्रीट फूड वेंडर्स, स्पीड बोट से संगम की सैर करेंगे पर्यटक
Mahakumbh 2025 प्रयागराज के लगभग 2100 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया। डीएम ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, महाकुंभनगर। महाकुंभ के दौरान शहर के स्ट्रीट फूड विक्रेता खास अंदाज में श्रद्धालुओं व पर्यटकों को पकवान परोसेंगे। इसके लिए शहर के लगभग 2100 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) और उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर प्रयागराज प्रशासन ने नगर की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित कराया था।
अगले महीने होने वाले महाकुंभ से ठीक पहले नगर के इन स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा की ट्रेनिंग दी गई। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ के निर्देशन में प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य प्रबंधन, खाना पकाने के तरीके और अपशिष्ट प्रबंधन समेत कई आवश्यक विषयों को शामिल किया गया। विशेष रूप से खाद्य व्यवसायों के लाइसेंस और पंजीकरण के संबंध में निर्धारित दिशा-निर्देशों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
हाइजीन किट्स का हुआ वितरण
प्रशिक्षण के दौरान स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को हाईजीन किट्स भी बांटा गया, जिनमें एप्रेन, ग्लव्स, हेड-गियर और स्ट्रीट फूड वेंडर्स मैनुअल शामिल है। महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी व विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रोत्साहित किया। नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह के साथ एफएसएसएआइ के संयुक्त निदेशक अंकेश्वर मिश्रा, राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग से सुशील कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
भारत के स्ट्रीट फूड दुनिया भर में फेमस
आप सभी को मालूम है कि भारत अपने स्ट्रीट फूड की वजह से दुनिया भर में लोकप्रिय है। खाद्य सुरक्षा के लिए स्ट्रीट फूड वेंडर्स को प्रशिक्षित करना एक महत्वपूर्ण कदम है। एफएसएसएआइ ने तीन वर्षों (2023 से 2026 तक) में देश के 25 लाख स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है।

महाकुंभ में श्रद्धालु करेंगे संगम की सैर
वहीं महाकुंभ आने वाले तीर्थ यात्री विहंगम संगम की सैर अब स्पीड बोट से कर सकेंगे। यह सेवा जनवरी के पहले सप्ताह से मिल सकेगी। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। पर्यटन विभाग और भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने भी हरी झंडी दे दी है। मुख्य स्नान पर्वों पर इनके संचालन पर रोक रहेगी। महाकुंभ के लिए 20 स्पीड बोट मंगाई गई हैं।
25 लाख में मंगाई गईं स्पीड बोट
इनकी कीमत लगभग 22 से 25 लाख रुपये है। ये स्पीड बोट आठ सीट की हैं, जिन पर आम श्रद्धालु भी सवारी कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें किराया देना पड़ेगा। स्पीड बोट की सवारी के लिए 150 रुपये किराया निर्धारित है। पर्यटन विभाग की ओर से इसका संचालन किला और अरैल घाट से सुबह छह बजे से शाम बजे तक किया जाएगा। बोट से श्रद्धालु संगम जाएंगे, वहां फ्लोटिंग जेटी पर स्नान करके वापस छोड़े जाएंगे।
राजसी स्नान को संगम पर बनाया जा रहा शाही पथ
महाकुंभ का सबसे बड़ा आकर्षण राजसी स्नान होगा। इसमें सज-धज कर अखाड़े निकलते हैं और साधु-संत पावन संगम में पुण्य की डुबकी लगाते हैं। इसके लिए अखाड़ों की बाकायदा शोभायात्रा निकलती है। राजसी स्नान के लिए संगम के पास शाही पथ बनाया जा रहा है। लगभग 50 मीटर चौड़ी दो सड़कें होंगी, जो संगम जाने और वापसी के लिए होंगी। यहां एक अतिरिक्त सड़क भी बनाई जा रही है।