Indian Railways : अब कवच के बताए गति सीमा पर ही दौड़ेंगी ट्रेनें, रेलवे बोर्ड का महत्वपूर्ण फैसला
रेलवे बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है कि अब ट्रेनें 'कवच' प्रणाली द्वारा निर्धारित गति सीमा पर ही चलेंगी, ...और पढ़ें

ट्रेन में लगी कवच प्रणाली। सौ. रेलवे
HighLights
इंजन के केबिन में लगी कवच यूनिट में लोको पायलट को दिखेगी गति सीमा
देश भर में नियम के पालन को चालकों की विशेष काउंसलिंग और प्रशिक्षण शुरू
अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के समय पर संचालन को लेकर रेलवे बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब देशभर में ट्रेनों के लोको पायलट (चालक) अपनी समझ या व्यक्तिगत अनुमान के आधार पर रफ्तार तय नहीं कर सकेंगे। ट्रेनों की गति अब पूरी तरह से स्वचालित सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ द्वारा तय की गई स्पीड लिमिट के अनुसार ही नियंत्रित होगी।
अब तक ट्रेन चालक ट्रैक पर लगे सामान्य सिग्नलों और अपने अनुभव के आधार पर रफ्तार कम या ज्यादा करते थे। जिन इंजनों में ‘कवच’ लगा था, उनमें भी कई बार चालक सिस्टम द्वारा सुझाई जा रही स्पीड लिमिट की अनदेखी कर देते थे। इस तालमेल की कमी के कारण आपातकालीन ब्रेक लगने, इंजन में तकनीकी खराबी आने या ट्रिपिंग की समस्याएं सामने आ रही थीं, जिससे ट्रेनें बीच रास्ते खड़ी हो जाती थीं।
हाल ही में नई दिल्ली-आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस (14212) के इंजन में आई तकनीकी रुकावट के बाद रेलवे बोर्ड की बैठक में इस खामी की गंभीर समीक्षा की गई। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को साफ निर्देश दिया है कि इंजन के केबिन में लगी कवच यूनिट जो स्पीड लिमिट तय करेगी, चालक को उसी दायरे में गाड़ी चलानी होगी।
रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (विद्युत इंजीनियरिंग-रोलिंग स्टाक) वी. वेंकटसुब्रमण्यम के अनुसार कवच के सार्वभौमिक मानकों (यूनिवर्सल पैरामीटर्स) का उल्लंघन किसी भी हाल में नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए सभी जोनल स्तर पर चालकों की विशेष काउंसलिंग और ट्रेनिंग कराई जा रही है, ताकि वे सिस्टम के नियमों का कड़ाई से पालन करें।
वर्तमान में 1400 से अधिक इंजनों में ‘कवच’ स्थापित किया जा चुका है और कुल 10 हजार इंजनों में इसे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे मानवीय भूल से होने वाले हादसों का खतरा खत्म होगा और ट्रेनों की समयपालनता बेहतर होगी।
ड्राइवर ने की अनदेखी, तो खुद ब्रेक लगा लेगा 'कवच'
भारतीय रेलवे ने दुर्घटनाओं को शून्य स्तर पर ले जाने के लिए कवच प्रणाली विकसित की है। इसमें ट्रेनें के आमने-सामने आने, लाल सिग्नल पार कर जाने पर कवच खुद ब्रेक लगा देता है। कोहरे या भारी बारिश में सिग्नल न दिखने पर केबिन स्क्रीन पर सिग्नल और सुरक्षित स्पीड लिमिट रियल-टाइम दिखती है और रेलवे क्रासिंग या फाटकों के पास यह खुद सीटी (हार्न) बजाने का संकेत भी देता है।
