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दिव्यांगजनों की आय बढ़ाने को रेलवे की योजना : बेहद कम किराए में रेलवे स्टेशनों पर खोल सकेंगे स्टॉल, ऐसे करें आवेदन

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Wed, 12 Aug 2026 01:10 PM (GMT+05:30)

भारतीय रेलवे ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'एक स्टेशन एक उत्पाद' योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल ...और पढ़ें

भारतीय रेलवे दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल उपलब्ध करा रही है।

भारतीय रेलवे दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल उपलब्ध करा रही है।

HighLights

  1. उत्तर मध्य रेलवे का प्रयागराज मंडल 'एक स्टेशन एक उत्पाद' के तहत दिव्यांगों को देगा सुविधा

  2. स्टॉल या ट्रॉली पर केवल वही उत्पाद बेचे जा सकेंगे, जिन्हें रेलवे की ओर से अनुमोदित किया गया है

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के प्रयागराज मंडल द्वारा 'एक स्टेशन एक उत्पाद' (ओएसओपी) योजना के तहत दिव्यांगजनों को रेलवे स्टेशनों पर अपने स्टॉल और ट्रॉली संचालित करने का विशेष अवसर दिया जा रहा है।

रेलवे की इस पहल के माध्यम से दिव्यांगजन अपनी कला, हुनर और स्थानीय उत्पादों को देश भर से आने-जाने वाले लाखों रेल यात्रियों के सामने प्रदर्शित कर सकेंगे। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का नया अवसर के साथ ही बाजार मिले सकेगा।

क्या है 'एक स्टेशन एक उत्पाद' योजना?

'एक स्टेशन एक उत्पाद' (ओएसओपी) योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों के उत्पादों को बड़ा मंच प्रदान करना है। रेलवे स्टेशन किसी भी शहर या क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक व आवाजाही केंद्र होते हैं। यहाँ स्टॉल मिलने से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। इसी कड़ी में प्रयागराज मंडल ने दिव्यांगजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए यह विशेष आवंटन प्रक्रिया शुरू की है।

किन उत्पादों की बिक्री की जा सकेगी?

रेलवे द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, स्टॉल या ट्रॉली पर केवल वही उत्पाद बेचे जा सकेंगे जिन्हें रेलवे द्वारा अनुमोदित किया गया है और जो क्षेत्र की पहचान से जुड़े हैं। 

हस्तशिल्प और कलाकृतियां : स्थानीय स्तर पर बनाई गई हस्तनिर्मित वस्तुएं और पारंपरिक कला।

कपड़ा और हथकरघा : हथकरघा से तैयार वस्त्र, खादी और पारंपरिक पहनावे।

कृषि एवं प्रोसेस्ड उत्पाद : स्थानीय स्तर पर निर्मित खाद्य सामग्रियां जैसे अचार, चटनी, मुरब्बा, कल्पवृक्ष उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ।

जीआर टैग उत्पाद : भौगोलिक संकेत प्राप्त स्थानीय उत्पादों को चयन प्रक्रिया में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रयागराज मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर स्वीकृत उत्पाद 

प्रयागराज मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर वहां की भौगोलिक पहचान के आधार पर उत्पादों की सूची तैयार की गई है।

प्रयागराज, सूबेदारगंज व प्रयागराज-छिवकी : मूंज से बने उत्पाद, प्रसिद्ध अमरूद, आंवला उत्पाद, खादी, कोल्ड-प्रेस्ड सरसों तेल और मिट्टी के बर्तन शामिल हैं। 

कानपुर सेंट्रल व कानपुर अनवरगंज : चमड़े के उत्पाद, ताम्रपत्र (स्मृति चिह्न), परफ्यूमरी एवं सुगंधित उत्पाद।

अलीगढ़ जंक्शन : पीतल के सजावटी व उपयोग के उत्पाद, प्रसिद्ध ताले और चमचम मिठाई।

मीरजापुर व विंध्याचल : विंध्याचल का मां विंध्यावासिनी प्रसाद, कालीन, पीतल के बर्तन, शिवपुर पेड़ा और सिरेमिक उत्पाद।

इटावा, टूंडला व फिरोजाबाद : कांच के उत्पाद, पारंपरिक चूड़ियां, हथकरघा वस्त्र, पेड़ा व दुग्ध उत्पाद।

फतेहपुर, खुर्जा व अन्य स्टेशन : मालवा पेड़ा, सिरेमिक उत्पाद, बीड़स क्राफ्ट व प्रादेशिक मिठाइयां।

कितना देना होगा मासिक शुल्क?

रेलवे ने दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टॉल संचालन का मासिक किराया बेहद न्यूनतम तय किया है।

2,000 रुपये प्रति माह : प्रयागराज, प्रयागराज-छिवकी, सूबेदारगंज, मीरजापुर, कानपुर, अलीगढ़, इटावा, टूंडला और फतेहपुर जैसे बड़े एवं प्रमुख स्टेशनों के लिए।

1,000 रुपये प्रति माह : मंडल के अन्य सभी छोटे व मध्यम श्रेणी के स्टेशनों के लिए।

आवंटन की अवधि और नियम

तीन माह की अवधि : किसी भी पात्र दिव्यांगजन को स्टॉल का आवंटन शुरुआत में अधिकतम तीन माह की अवधि के लिए किया जाएगा।

अन्य को मौका : तीन महीने की समयावधि पूर्ण होने के बाद अगले तीन महीनों के लिए प्रक्रिया के तहत अन्य पात्र दिव्यांग आवेदकों को अवसर दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके।

आवेदन करने की सरल प्रक्रिया

योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है।

आवेदन पत्र : इच्छुक दिव्यांगजन को संबंधित स्टेशन मास्टर के नाम एक सादे कागज पर आवेदन पत्र (प्रार्थना पत्र) लिखना होगा।

जरूरी दस्तावेज : आवेदन के साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी और दिव्यांगता प्रमाणपत्र की प्रति संलग्न करना अनिवार्य है।

जमा करने का स्थान : भरा हुआ आवेदन पत्र सीधे संबंधित रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर के पास जमा किया जा सकता है। इसके अलावा, मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय प्रयागराज स्थित वाणिज्य विभाग में किसी भी कार्यदिवस पर सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे के बीच जमा कराया जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए रेलवे के संपर्क नंबर

योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, मार्गदर्शन या सहायता के लिए उत्तर मध्य रेलवे के वाणिज्य विभाग के प्रतिनिधियों से संपर्क किया जा सकता है।
हरिश्याम मौर्या: 7906865772
पंकज रजक: 7525001455
अरुण पांडेय: 7525001449

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