रेलवे के पार्सल भेजने के नियमों में बड़ा बदलाव, 15 दिन में मिलेगी Parcel Van की मंजूरी; कारोबारियों को राहत
रेलवे ने पार्सल भेजने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, अब पार्सल वैन की मंजूरी अधिकतम 15 दिनों में ...और पढ़ें

ट्रेन में लगा पार्सल वैन। साभार रेलवे
HighLights
देश भर में लागू किया गया यह नियम, कारोबारियों को राहत
मंजूरी न मिलने पर बोर्ड की दो सदस्यीय टीम करेगी सुनवाई
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेलवे ने पार्सल भेजने के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अब एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलने का समय अधिकतम 15 दिन तय कर दिया है। पहले जहां महीनों तक फाइलें अटकी रहती थीं, वहीं अब तय 15 दिनों में जोनल रेलवे को मंजूरी देनी ही होगी। अगर वहां से मंजूरी नहीं मिली, तो रेलवे बोर्ड की नई कमेटी सिर्फ 10 दिनों में इसका अंतिम फैसला कर देगी।
इस संबंध में रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (कोचिंग-एक) सुधीश वीसी और कार्यकारी निदेशक (फ्रेट मार्केटिंग) एचएस बाजवा ने 30 सितंबर को आदेश जारी कर इसे देशभर में लागू कर दिया है। पहले जब भी किसी ट्रेन में सामान भेजने के लिए पार्सल वैन जोड़ी जाती थी या कोई विशेष पार्सल ट्रेन चलाई जाती थी, तो रास्ते के सभी रेल मंडलों से एनओसी लेनी पड़ती थी। कोई समय सीमा तय नहीं थी। फाइलें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर में महीनों घूमती रहती थीं। इससे व्यापारियों का माल समय पर नहीं पहुंच पाता था और रेलवे की कमाई भी रुक जाती थी।
अब नए नियम के तहत जेपीपी-आरसीएस ट्रेनों और यात्री गाड़ियों की लीज्ड पार्सल वैन की मंजूरी की राह आसान कर दी गई है। प्रस्ताव मिलते ही संबंधित रेलवे को 15 दिन में जवाब देना होगा। अगर कोई जवाब नहीं आता या बात अटकती है, तो मामला सीधे रेलवे बोर्ड की दो सदस्यीय कमेटी के पास चला जाएगा। यह कमेटी 10 दिनों में फैसला सुना देगी। इसके अलावा, मिलने वाली मंजूरी की वैधता छह महीने होगी, ताकि तय समय पर पार्सल सेवा शुरू हो सके। इस बदलाव से देश भर में व्यापारियों को माल भेजने में आसानी होगी और सामान तेजी से गंतव्य तक पहुंचेगा।
