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IIIT Allahabad : आइआइआइटी में इसी सत्र से शुरू होगा एमटेक क्वांटम सूचना प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम सीनेट की मिली मंजूरी

By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 06 Jan 2026 11:45 PM (IST)

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज सत्र 2026-27 से क्वांटम सूचना प्रौद्योगिकी में एमटेक पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। यह ...और पढ़ें

आइआइआइटी इलाहाबाद ने क्वांटम तकनीक में एमटेक पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी की है।

आइआइआइटी इलाहाबाद ने क्वांटम तकनीक में एमटेक पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी की है।

HighLights

  1. सीनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब बोर्ड आफ स्टडीज से अनुमोदन मिलना बाकी

  2. एमटेक कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक शैक्षणिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गईं

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आइआइआइटी में सत्र 2026-27 से क्वांटम इंफार्मेशन टेक्नोलाजी में एमटेक पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। आइआइआइटी इस क्षेत्र का पहला ऐसा संस्थान होगा, जहां क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसे अत्याधुनिक विषय की औपचारिक पढ़ाई शुरू होगी। एमटेक कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक शैक्षणिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।

सत्र 2026–27 से ही इसमें प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी 

सीनेट से मंजूरी के बाद आगामी बोर्ड आफ गवर्नर्स बीओजी की बैठक में इस पाठ्यक्रम को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पहले संस्थान की सीनेट इस पाठ्यक्रम को अपनी स्वीकृति दे चुकी है। सुप्रीम बाडी से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद सत्र 2026–27 से ही इसमें प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह दो वर्षीय पूर्णकालिक एमटेक पाठ्यक्रम होगा, जिसमें कुल 25 सीटें निर्धारित की गई हैं।

क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है यह टेक्नोलाजी 

आइआइआइटी के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने कहते हैं कि क्वांटम इंफार्मेशन टेक्नोलाजी भविष्य की तकनीक मानी जा रही है। यह कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोग्राफी और संचार प्रणालियों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। पारंपरिक कंप्यूटर जहां बिट्स पर काम करते हैं, वहीं क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट्स के माध्यम से अत्यंत जटिल गणनाओं को बहुत कम समय में हल करने में सक्षम होते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग देश और दुनिया दोनों स्तरों पर तेजी से बढ़ रही है।

छात्रों को क्वांटम टेक्नोलाजी की सैद्धांतिक नींव मिलेगी 

इस एमटेक प्रोाग्राम का सिलेबस अंतरराष्ट्रीय मानकों और उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। शुरुआती सेमेस्टर में छात्रों को क्वांटम टेक्नोलाजी की मजबूत सैद्धांतिक नींव दी जाएगी। प्रमुख विषयों में क्वांटम मैकेनिक्स की आधारभूत अवधारणाएं, लिनियर एल्जेब्रा, प्रोबेबिलिटी थ्योरी और मैथमैटिकल फाउंडेशंस ऑफ क्वांटम कंप्यूटिंग शामिल होंगे।

क्वांटम के ये विषय पढ़ाए जाएंगे 

आगे के सेमेस्टर में क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम एल्गोरिद्म, क्वांटम इंफार्मेशन थ्योरी, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम कम्युनिकेशन और क्वांटम एरर करेक्शन जैसे उन्नत विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही क्वांटम सिमुलेशन, क्वांटम हार्डवेयर का परिचय और क्वांटम सॉफ्टवेयर टूल्स पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पाठ्यक्रम में प्रयोगशाला आधारित सीख, मिनी प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री/रिसर्च आधारित डिसर्टेशन को रखा गया है ताकि छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके।

छात्रों को प्रोजेक्ट करने का भी मिलेगा अवसर 

छात्रों को शोध संस्थानों, स्टार्टअप्स या उच्च तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट करने का अवसर भी मिलेगा। निदेशक का मानना है कि इस पाठ्यक्रम के शुरू होने से छात्रों को न केवल उच्च स्तरीय शोध के अवसर मिलेंगे। दो वर्ष पहले एमटेक बायोमेडिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू किया गया था।

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