सरकारी बैंक खातों में अब निजी ईमेल पर रोक, सिर्फ आधिकारिक आईडी ही होगी मान्य; रेलवे ने क्या तैयारी की है?
वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सरकारी बैंक खातों में निजी ईमेल आईडी पर रोक लगा दी है। ...और पढ़ें

सरकारी बैंक खातों में अब निजी ईमेल पर रोक के संबंध में रेलवे ने सभी जोनों को निर्देशित किया है।
HighLights
देश के सभी रेलवे जोनों में 30 सितंबर तक ढूंढे जाएंगे खाते
रेलवे बोर्ड ने सभी सभी इकाइयों के लिए जारी किया निर्देश
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सरकारी बैंक खातों से होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय के महालेखा नियंत्रक कार्यालय द्वारा जारी अलर्ट के बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और अन्य विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
नए आदेश के तहत रेलवे समेत अन्य विभागों के सरकारी बैंक खातों में अधिकारियों की निजी ईमेल आईडी दर्ज नहीं रहेगी। इसके स्थान पर केवल आधिकारिक सरकारी डोमेन वाली ईमेल आइडी और अधिकृत मोबाइल नंबर ही दर्ज करने होंगे।
अब तक कई सरकारी और विभागीय बैंक खातों में संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के व्यक्तिगत ईमेल पते (जैसे जीमेल) अथवा पुराने संपर्क नंबर दर्ज रह जाते थे। अधिकारी का तबादला होने या सेवानिवृत्त होने के बाद भी कई बार खाते में वही पुरानी जानकारी सालों तक दर्ज रहती थी। वित्त मंत्रालय ने पाया कि इस लापरवाही के कारण साइबर अपराधियों द्वारा सिस्टम में सेंध लगाने, खातों से छेड़छाड़ करने और सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाने का गंभीर जोखिम पैदा हो गया था।
नई व्यवस्था के तहत रेलवे समेत सभी मंत्रालयों और विभागों को अपने बैंक खातों की नए सिरे से पड़ताल करनी होगी। अब किसी भी हाल में सरकारी खातों में निजी ईमेल स्वीकार नहीं होंगे। बैंकों से होने वाला हर तरह का पत्राचार केवल सरकारी डोमेन वाले ईमेल पते से ही करना अनिवार्य कर दिया गया है।
साथ ही, खाते के संचालन के लिए अधिकृत अधिकारी का सीयूजी व अधिकृत मोबाइल नंबर भी बैंक रिकार्ड में तुरंत सही और अद्यतन दर्ज कराया जाएगा। रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक वित्त रजत अग्रवाल ने बताया कि सभी इकाइयों को बैंक शाखाओं से समन्वय बनाकर 30 सितंबर तक खाते ढूंढने, आवश्यक बदलाव करने और बोर्ड को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिए हैं।
