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योगनिद्रा से जागने वाले हैं श्रीहरि विष्णु, गूंजेगी शहनाई और मचेगी बरात की धूम; नवंबर-दिसंबर में कितने विवाह मुहूर्त?

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 29 Oct 2026 03:05 PM (IST)

देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागेंगे, जिसके साथ ही विवाह और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। ...और पढ़ें

20 नवंबर को देवोत्थान एकादशी से विवाह व अन्य शुभ कार्य का मुहूर्त शुरू हो जाएगा

20 नवंबर को देवोत्थान एकादशी से विवाह व अन्य शुभ कार्य का मुहूर्त शुरू हो जाएगा

HighLights

  1. 20 नवंबर को देवोत्थान एकादशी से शुरू हो जाएगा विवाह व अन्य शुभ कार्य का मुहूर्त

  2. नवंबर-दिसंबर में मात्र 8 मुहूर्त, 2027 के जनवरी, फरवरी व मार्च में विवाह के कई मुहूर्त

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अगर आप घर में किसी का विवाह कराना चाहते हैं अथवा दूसरा कोई शुभ कार्य मुहूर्त नहीं मिलने की वजह से रुका है तो चिंता न करिए। लंबी प्रतीक्षा के बाद देवउठनी (देवोत्थान) एकादशी पर भगवान श्रीहरि विष्णु अपनी योगनिद्रा से जागने वाले हैं। इसके साथ शहनाइयों की गूंज और मांगलिक सहित समस्त शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। हर तरफ बैंडबाजा, बरात और शादियों की रौनक रहेगी।

16 अप्रैल से 12 जुलाई तक शुभ कार्य के काफी मुहूर्त

इस वर्ष नवंबर और दिसंबर के महीने में विवाह के मात्र आठ मुहूर्त हैं। वर्ष 2027 के जनवरी, फरवरी और मार्च में विवाह के कई मुहूर्त मिलेंगे। वहीं, वर्ष 2027 में 15 मार्च से 15 अप्रैल तक खरमास रहने के कारण शुभ कार्य रुक जाएंगे। इसके समाप्त होने पर 16 अप्रैल से 12 जुलाई तक विवाह और शुभ कार्य के काफी मुहूर्त मिलेंगे। इसमें बिना किसी विघ्न के विवाह, गोदभराई, नामकरण, गृहप्रवेश, नए प्रतिष्ठान का शुभारंभ जैसे कार्य कराए जा सकेंगे।

नवंबर में विवाह के शुभ मुहूर्त 

ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी से योगनिद्रा में हैं। वह देवोत्थान एकादशी 20 नवंबर को जाग जाएंगे। एकादशी तिथि 19 नवंबर की रात 3.30 बजे से लगकर 20 नवंबर की 2.18 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे। विवाह का मुहूर्त 20, 24, 25 व 30 नवंबर तथा दो, तीन, नौ, 11 दिसंबर को मिलेगा।

खरमास 16 दिसंबर से, नहीं होंगे शुभ कार्य

पाराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार 16 दिसंबर की रात 8.06 बजे से खरमास लग जाएगा, जिसकी वजह से समस्त शुभ कार्य रुक जाएंगे। फिर 2027 में 14 जनवरी की रात 3.54 बजे से संक्रांति लगने से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाएंगे। इसके साथ समस्त शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे। वहीं, 15 मार्च की सुबह 9.52 बजे पुन: खरमास लगने पर 14 अप्रैल तक शुभ कार्य वर्जित रहेगा। इसके बाद 16 अप्रैल से 12 जुलाई तक समस्त शुभ कार्य होंगे। विष्णुशयनी एकादशी पर 14 जुलाई को भगवान विष्णु शयन पर चले जाएंगे। इसकी वजह से नौ नवंबर तक शुभ कार्य रुक जाएगा। देवोत्थान एकादशी पर 10 नवंबर को भगवान विष्णु के जागने पर पुन: शुरू कार्य शुरू हो जाएंगे।

ये हैं विवाह के प्रमुख मुहूर्त

- नवंबर में 20, 24, 25 व 30 तारीख।
- दिसंबर में दो, तीन, नौ और 11 दिसंबर को।
- जनवरी में 18, 19, 25, 26, 28 व 31 तारीख।
- फरवरी में नौ, 10, 16, 20, 22, 23, 25, 27 व 28 तारीख।
- मार्च में तीन, नौ, 10 व 14 मार्च को।
- अप्रैल में 16, 17, 18, 20, 22, 23 व 27 तारीख को।
- मई में दो, तीन, सात, आठ, नौ, 15, 16, 18, 20, 22, 24, 30 व 31 तारीख को।
- जून में पांच, नौ, 11, 14, 16, 18, 20, 25, 26 व 30 तारीख को।
- जुलाई में सात, नौ, 10, 11 व 12 तारीख।

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