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14 सितंबर को प्रयागराज आ सकते हैं CM योगी, वकीलों को बड़ी घोषणाओं की उम्मीद

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 13 Sep 2026 08:43 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इलाहाबाद हाई कोर्ट परिसर में प्रस्तावित आगमन को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह है। अधिवक्ता मेडिकल कैशलेस ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जागरण आर्काइव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता लगा रहे कयास, लगाए हैं उम्मीद

  2. योगी आदित्यनाथ का इलाहाबाद HC परिसर में प्रस्तावित है आगमन

विधि संवाददाता, प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इलाहाबाद हाई कोर्ट परिसर में सोमवार को प्रस्तावित आगमन को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह है। चैंबर्स आवंटन संघर्ष समिति को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री मेडिकल कैशलेस कार्ड, चैंबर्स में मासिक किराया निशुल्क करने और फर्नीचर के लिए धनराशि की घोषणा कर सकते हैं। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव अखिलेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री से सबको उम्मीद है।

रविवार को कालिंदीपुरम में चैंबर्स आवंटन संघर्ष समिति के अध्यक्ष आरपी तिवारी के आवास पर पदाधिकारियों की बैठक हुई। संयोजक राजेश खरे ने बताया कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अधिवक्ताओं में चर्चाएं हैं।

बताया कि प्रदेश सरकार ने मल्टी लेवल चैंबर्स बिल्डिंग के निर्माण के लिए करीब 700 करोड़ रुपये दिए, जिससे 2400 चैंबर्स बने हैं, जिनमें करीब 13 हजार अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था है। बिल्डिंग का उद्घाटन 31 मई 2025 को हो गया, लेकिन आवंटन में पेच फंस गया।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चैंबर्स अलाटमेंट नियमावली 2026 जारी की, जिसमें मासिक किराया 1500 रुपये और धरोहर राशि 75 हजार से ढाई लाख रुपये तक तय की गई। अधिवक्ता निश्शुल्क चेंबर की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर चार जुलाई को 60 सदस्यीय चैंबर अलॉटमेंट संघर्ष समिति का गठन हुआ। राजेश खरे को संयोजक बनाया गया।

समिति ने छह जुलाई को मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और चैंबर आवंटन कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी व अन्य सदस्यों से मुलाकात की। सूची में गैर-प्रैक्टिस करने वाले और कई मृत अधिवक्ताओं के नाम होने पर आपत्ति जताई और नियमावली से टेनेंट व को-टेनेंट शब्द हटाने, मासिक किराया खत्म करने और धरोहर राशि कम करने की मांग की।

मुख्य न्यायमूर्ति ने आश्वासन दिया था कि यदि प्रदेश सरकार धनराशि देती है तो किसी अधिवक्ता से मेंटेनेंस चार्ज नहीं लिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता आरपी तिवारी व संचालन महासचिव जगदीश सिंह बुंदेला ने किया। वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता, सरिता सिंह, चंद्रकांत द्विवेदी, संतोष पांडे, सुशील कुमार यादव, राजीव द्विवेदी, रतन शंकर दीक्षित, प्रभु नारायण तिवारी, अशोक गुप्ता, सुनील सहगल, अभिषेक निगम, बृजेश श्रीवास्तव, देश दीपक श्रीवास्तव, बीना देवी, दुर्गा कुमारी आदि उपस्थित रहे।

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