दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के चलते कई ट्रेनें रद होने से यात्री परेशान, किसी का जरूरी काम छूटा तो किसी का इंटरव्यू
दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रस्तावित प्रदर्शन के चलते प्रयागराज से नई दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनें अचानक रद कर दी गईं, जिससे सैकड़ों यात्री परेशान हुए।

प्रयागराज जंक्शन के प्लेट फार्म एक पर इस तरह पसरा सन्नाटा
HighLights
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के कारण ट्रेनें अचानक रद्द।
प्रयागराज जंक्शन पर सैकड़ों यात्री बेबस, फंसे रहे।
नौकरी, इंटरव्यू और धार्मिक यात्राओं पर गहरा असर पड़ा।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियों और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रस्तावित प्रदर्शन का सीधा असर शुक्रवार को प्रयागराज जंक्शन पर दिखा। सुरक्षा कारणों से नई दिल्ली की ट्रेनों के अचानक पहिए थम जाने से सैकड़ों यात्रियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस और शकूरबस्ती जाने वाली दादरी स्पेशल ट्रेन को अचानक निरस्त किए जाने से जंक्शन पर यात्रियों की बेबसी साफ झलक रही थी। रात नौ से दस बजे के बीच प्लेटफार्म नंबर एक और आसपास का नजारा मायूसी भरा रहा, जहां लोग इस आस में फर्श पर डटे रहे कि शायद रेलवे कोई वैकल्पिक इंतजाम कर दे।

जिन यात्रियों के पास मोबाइल पर रद होने का संदेश पहले आ गया, उन्होंने या तो यात्रा टाल दी या निजी वाहनों व बसों का रुख किया। स्टेशन पहुंचे लोगों के लिए हालात बेहद कठिन रहे। काउंटर से टिकट लेने वाले और मैसेज न देख पाने वाले यात्री सीधे प्लेटफॉर्म पर पहुंच गए, जहां अचानक हुए लाउडस्पीकर के एनाउंसमेंट से परेशान हो गए।
प्रयागराज के निवासी निर्मल, जो दिल्ली में मजदूरी करते हैं, दादरी स्पेशल का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने नम आंखों से बताया, 'ठेकेदार के तहत काम करता हूं। कल काम पर हाजिरी नहीं लगी तो नौकरी हाथ से चली जाएगी।' निर्मल जैसे कई यात्री बाद में आई रीवा एक्सप्रेस और ब्रह्मपुत्र मेल की जनरल बोगियों में किसी तरह धक्का-मुक्की सहते हुए सवार होने को मजबूर हुए।
किसी का काम था तो किसी का इंटरव्यू
वहीं, संगम स्नान के लिए आए श्रद्धालु प्रियांशु अपनी समस्या बताते हुए बोले, 'विशेष ट्रेन का टिकट खरीदा था, टिकट खिड़की पर भी किसी ने नहीं बताया कि ट्रेन कैंसिल है। अब घर कैसे पहुंचे, कुछ समझ नहीं आ रहा।'
दिल्ली की एक निजी कंपनी में पिछले पांच साल से कार्यरत कौशांबी शैलेंद्र को स्टेशन आकर पता चला कि नई दिल्ली के लिए कोई ट्रेन नहीं है। सबसे ज्यादा संकट युवाओं के सामने आया। प्रयागराज के नरेश की पीड़ा अलग थी, उन्होंने कहा, 'मुझे किसी धरने-प्रदर्शन से मतलब नहीं है। सुबह दिल्ली में नौकरी का इंटरव्यू है। अगर समय पर नहीं पहुंचा तो महीनों की मेहनत बेकार हो जाएगी।'
नवरात्र में धार्मिक अनुष्ठान कराने के लिए नई जा रहे पंडित ओमकार तिवारी का टिकट प्रयागराज एक्सप्रेस में आरक्षित था। वह अपना सामान लेकर प्लेटफार्म पर खड़े थे, तभी ट्रेन रद होने की घोषणा हुई। पूछताछ केंद्र पर जब उन्होंने संपर्क किया, तो साफ कह दिया गया कि आज नई दिल्ली के लिए कोई ट्रेन रवाना नहीं होगी।
रात गहराने के साथ अनिश्चितता बढ़ती रही। घड़ी की सुइयां 10 बजा चुकी थीं, लेकिन दर्जनों परिवार प्लेटफार्म की बेंचों और फर्श पर अपना सामान समेटे बैठे रहे। उन्हें लग रहा था कि शायद प्रशासन कोई स्पेशल रेक चला दे।
दो महीने पहले से टिकट बुक कराकर इलाज, व्यापारिक बैठकों और पारिवारिक जिम्मेदारियों की योजना बनाने वाले यात्रियों को बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस परेशानी ने भीतर तक झकझोर दिया। जिन यात्रियों के लिए निकलना अनिवार्य था, वे महंगे किराए पर कैब और बसों के जरिए गंतव्य की ओर रवाना हुए।
