प्रयागराज के छिवकी, रामबाग और संगम स्टेशन का बदलेगा नाम, यात्रियों की नहीं छूटेगी ट्रेन; दूर होगा भ्रम
प्रयागराज में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने तीन प्रमुख स्टेशनों प्रयागराज छिवकी, प्रयागराज रामबाग और प्रयागराज संगम के नाम बदलने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है।

प्रयागराज संगम स्टेशन। जागरण आर्काइव
HighLights
प्रयागराज के छिवकी, रामबाग और संगम स्टेशन का बदलेगा नाम
माघ मेला और कुंभ मेला में बिगड़ती है स्थिति, यात्री होते हैं परेशान
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अगर आप ट्रेन से प्रयागराज आने या जाने की योजना बना रहे हैं, तो टिकट पर लिखे स्टेशन के नाम को जरा ध्यान से देखिएगा। अक्सर यात्री सिर्फ ‘प्रयागराज’ शब्द पढ़कर भ्रम में गलत स्टेशन पहुंच जाते हैं। सामान्य दिनों से लेकर कुंभ-माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं ने इसे लेकर सैकड़ों शिकायत भी की है।
इसी परेशानी को खत्म करने के लिए रेलवे प्रशासन ने तीन प्रमुख स्टेशनों के नाम बदलने का प्रस्ताव तैयार किया है। वर्तमान में शहर के चार प्रमुख स्टेशनों के आगे ‘प्रयागराज’ जुड़ा है-जैसे प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, प्रयागराज रामबाग और प्रयागराज संगम। प्रस्ताव के तहत-प्रयागराज छिवकी को 'छिवकी', प्रयागराज रामबाग को 'रामबाग' और प्रयागराज संगम को 'संगम' स्टेशन के नाम से जाना जाएगा।
जबकि प्रयागराज जंक्शन के नाम में कोई बदलाव नहीं होगा। इससे यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय ही साफ समझ आ जाएगा कि उनकी गाड़ी किस इलाके और किस स्टेशन से है, जिससे अफरा-तफरी और ट्रेन छूटने की नौबत नहीं आएगी।
उदाहरण के तौर पर सोरांव के रहने वाले आदित्य दुबे को मुंबई मेल से यात्रा करनी थी। उनका टिकट प्रयागराज छिवकी थे। टिकट पर ‘प्रयागराज’ देखकर सीधे शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन यानी प्रयागराज जंक्शन पहुंच गए। जब ट्रेन की कोई उद्घोषणा नहीं हुई तो पूछताछ केंद्र पहुंचे, पता चला ट्रेन तो यमुना पार छिवकी स्टेशन पर आएगी, महज 20 मिनट बचे थे।
आदित्य शहर के ट्रैफिक को पार कर 10 किलोमीटर दूर छिवकी नहीं पहुंच पाए और ट्रेन छूट गई। यही हाल वाराणसी और बनारस रूट की तरफ जाने वाली ट्रेनों (जैसे मंडुवाडीह एक्सप्रेस या बनारस इंटरसिटी) व विभूति एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ होता है, जो रामबाग के फेर में प्रयागराज जंक्शन पर भटकते रहते हैं। वहीं संगम दर्शन करने आए ग्रामीण श्रद्धालु ‘प्रयागराज संगम’ की जगह सीधे मुख्य जंक्शन पहुंच जाते हैं, जिससे मुख्य स्टेशन पर बेवजह भारी भीड़ जुट जाती है।
मंडल पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि यात्रियों से फीडबैक, स्थानीय आकलन के बाद यात्रियों के इस भ्रम को दूर करने और जंक्शन पर बिना वजह जुटने वाली भीड़ को सही स्टेशन पर भेजने के लिए नामों को सीधा और छोटा करने प्रस्ताव रेलवे बोर्ड भेजा गया है। मंत्रालय स्तर पर इस पर निर्णय होगा।
